‘मां-माटी-मानुष’ से भटकी टीएमसी, पीएम का ममता पर बड़ा आरोप

पीएम मोदी ने बोंगांव रैली में टीएमसी पर तीखा हमला करते हुए उसे महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार और राज्य की पहचान को नुकसान पहुंचाने का जिम्मेदार बताया. उन्होंने जनता से बदलाव के लिए वोट देने की अपील करते हुए महिलाओं, किसानों और गरीबों के लिए कई योजनाओं का वादा किया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल के बोंगांव में रविवार को आयोजित विजय संकल्प सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार की नीतियों और कार्यशैली ने राज्य की मूल पहचान ‘मां, माटी और मानुष’ को गहरी चोट पहुंचाई है. 

पीएम ने टीएमसी पर लगाए आरोप

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस नारे के साथ टीएमसी सत्ता में आई थी, आज वही शब्द उसके नेताओं की जुबान से गायब हो चुके हैं, क्योंकि अगर वे इसका उल्लेख करेंगे तो उनके कथित गलत काम सामने आ जाएंगे. उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है. संदेशखाली जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां महिलाओं के साथ अन्याय हुआ, लेकिन सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया. उन्होंने दावा किया कि राज्य में बेटियां असुरक्षित हैं और कई मामलों में उनके लापता होने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि सरकार निष्क्रिय बनी हुई है.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में अपार संभावनाएं हैं और सही नेतृत्व मिलने पर यह राज्य दोबारा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है. उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए लोगों से अपील की कि वे अपने वोट के जरिए बदलाव लाएं और राज्य को नई दिशा दें.

चुनाव के पहले चरण का जिक्र 

चुनाव के पहले चरण का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि जनता ने टीएमसी के अहंकार को झटका दिया है और आगामी चरणों में भाजपा को बड़ी सफलता मिलने वाली है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे हाल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मतदान करें.

सभा में प्रधानमंत्री ने महिलाओं के लिए कई योजनाओं और वादों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, सस्ती दवाएं, कैंसर जांच और टीकाकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता और बेटियों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग देने की बात कही गई. महिलाओं के खातों में सालाना आर्थिक सहायता, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के वेतन में सुधार तथा सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का भी वादा किया गया.

किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है और जूट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सिंडिकेट व्यवस्था के कारण जूट मिलों को नुकसान हो रहा है.

गरीबों के लिए चल रही योजनाओं का जिक्र 

प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए चल रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुफ्त राशन और आवास जैसी सुविधाओं से लोगों को आर्थिक राहत मिल रही है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने और सोलर पैनल के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने जैसे कदम आगे भी जारी रहेंगे.

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