फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान शुरू, कड़ी सुरक्षा के बीच वोटिंग; 23 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर गुरुवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान शुरू हो गया. पिछले मतदान में ईवीएम और वेब कैमरों से कथित छेड़छाड़ के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया था. इस बार 23 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की चर्चित फाल्टा विधानसभा सीट पर गुरुवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान शुरू हो गया. दक्षिण 24 परगना जिले की इस सीट पर मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंचे. चुनाव आयोग ने पिछले मतदान में कथित अनियमितताओं और ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था.

अधिकारियों के मुताबिक, इस पुनर्मतदान में 285 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 23 लाख से अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र हैं. इनमें करीब 11 लाख महिला मतदाता और नौ तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं. फाल्टा सीट पर राजनीतिक माहौल पहले से ही बेहद गर्म बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है.

29 अप्रैल को हुआ था दूसरा चरण का मतदान

फाल्टा विधानसभा सीट पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान कराया गया था. मतदान के बाद कई बूथों पर गड़बड़ी और ईवीएम में कथित छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच कर 21 मई को दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया.

मैदान में छह उम्मीदवार

इस सीट पर कुल छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इनमें टीएमसी के जहांगीर खान भी शामिल हैं, जिन्होंने मंगलवार 19 मई को चुनाव से हटने की घोषणा की थी. हालांकि, आधिकारिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनका नाम ईवीएम में बना रहा. भाजपा ने देबांशु पांडा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि सीपीआई (एम) से शंभू नाथ कुर्मी और कांग्रेस से अब्दुर रज्जाक मोल्ला मैदान में हैं.

सुरक्षा के लिए CAPF की 35 कंपनियां तैनात 

पुनर्मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं. अधिकारियों ने बताया कि इस बार हर बूथ पर आठ जवान तैनात किए गए हैं, जबकि 29 अप्रैल को केवल चार सुरक्षाकर्मी मौजूद थे. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी तैयार रखी गई हैं.

EVM और वेब कैमरों से छेड़छाड़ के आरोप

पिछले मतदान के दौरान ईवीएम पर सुगंधित पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाए जाने के आरोप सामने आए थे. चुनाव आयोग के पूर्व विशेष पर्यवेक्षक सुब्रता गुप्ता ने जांच के दौरान कम से कम 60 बूथों पर कथित छेड़छाड़ के संकेत पाए थे. इसके अलावा कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की रिकॉर्डिंग से भी छेड़छाड़ की कोशिशों की बात सामने आई थी.

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