LPG की कीमतों में बढ़ोतरी से हाहाकार...पटना से दिल्ली तक इस रेट में मिल रहे गैस सिलेंडर, जानें नए दाम
मिडिल ईस्ट में तनाव का असर पूरी दुनिया में दिखने लगा है. भारत में भी ईंधन और एलपीजी की कीमतों में तेजी उछाल आई है. तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. जिससे आम लोगों के साथ ही साथ होटल के कारोबार पर भी असर पड़ा है.

नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का सीधा असर अब भारतीय रसोइयों और आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है. मध्य-पूर्व में ईंधन की आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेजी आई है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. जो वर्तमान में युद्ध की स्थिति से प्रभावित समुद्री मार्गों से होकर आता है. इस संकट ने न केवल महंगाई की चिंता बढ़ाई है. बल्कि कई राज्यों में सिलेंडरों की किल्लत भी पैदा कर दी है.
गैस सिलेंडरों के दाम में उछाल
दरअसल, सरकारी तेल कंपनियों ने 7 मार्च से एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है. इस नए फैसले के तहत घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. जिससे दिल्ली में 14.2 किलो वाला सिलेंडर अब 913 रुपये का हो गया है. वहीं. कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 114.5 रुपये का भारी इजाफा हुआ है. कमर्शियल गैस का उपयोग मुख्य रूप से होटल और रेस्टोरेंट में होता है. जिससे अब बाहर खाना भी काफी महंगा होने की आशंका है.
देश के विभिन्न शहरों में नया रेट
देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं. मुंबई में अब एक घरेलू सिलेंडर 912.50 रुपये का हो गया है. जबकि कोलकाता में इसके लिए 939 रुपये चुकाने होंगे. चेन्नई में नया भाव 928.50 रुपये है. वहीं. गुरुग्राम में 921.50 रुपये. नोएडा में 910.50 रुपये और बेंगलुरु में 915.50 रुपये प्रति सिलेंडर की दर तय की गई है. हैदराबाद में रसोई गैस की कीमत सबसे अधिक करीब 965 रुपये तक पहुँच गई है. जो मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए चिंताजनक है.
वृद्धि की मुख्य वजह हॉर्मुज जलमार्ग में बाधा
कीमतों में इस अचानक वृद्धि की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संकट है. भारत अपनी कुल एलपीजी मांग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से मंगवाता है. विशेष रूप से 85 से 90 प्रतिशत आपूर्ति 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़' के संकरे समुद्री मार्ग से होती है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. सप्लाई चेन में आई इसी रुकावट ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा दिया है.
महंगाई के साथ-साथ आपूर्ति में कमी
महंगाई के साथ-साथ अब आपूर्ति में कमी की समस्या भी खड़ी हो गई है. महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई शहरों से कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत की खबरें आ रही हैं. रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि अचानक सप्लाई कम होने से उनका दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है. कई व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी. तो वे खाद्य पदार्थों की कीमतों में इजाफा करने को मजबूर होंगे. इस किल्लत ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक नई अफरा-तफरी पैदा कर दी है.
प्रतिदिन 80 पैसे का अतिरिक्त खर्च
हालांकि, सरकारी अधिकारियों का तर्क है कि इस बढ़ोतरी का आम जनता पर बहुत अधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. उनके विश्लेषण के अनुसार. एक औसत परिवार साल भर में 4 से 5 सिलेंडर ही उपयोग करता है. इस लिहाज से 60 रुपये की वृद्धि का अर्थ है प्रतिदिन 80 पैसे का अतिरिक्त खर्च. अधिकारियों का दावा है कि भारत में एलपीजी के दाम अभी भी कई अन्य देशों की तुलना में कम हैं. सरकार वर्तमान वैश्विक संकट के बावजूद कीमतों को यथासंभव स्थिर रखने का प्रयास कर रही है.


