हवाई किराए की मनमानी पर लगा ब्रेक, सरकार ने इंडिगो संकट के बाद लगाया फेयर कैप, सख्ती से पालन करने का आदेश

इंडिगो के परिचालन संकट से उड़ानें रद्द होने पर हवाई किराए तीन-चार गुना बढ़ गए. बढ़ती शिकायतों के बाद केंद्र ने एयरलाइनों को किराया सीमा का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया और स्थिति सामान्य होने तक सख्त निगरानी जारी रखने की चेतावनी दी.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः देश में इंडिगो के परिचालन संकट के कारण हवाई सेवाओं में लगातार आए व्यवधान के बीच, विमान टिकटों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं. कई रूटों पर किराया सामान्य से तीन से चार गुना अधिक हो गया, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ गईं. इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी एयरलाइनों को सख्त चेतावनी जारी की है कि वे निर्धारित किराया सीमा का पालन करें और किसी भी तरह की अवसरवादी मूल्यवृद्धि से बचें.

केंद्र का कड़ा आदेश

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक आधिकारिक निर्देश में कहा कि कुछ एयरलाइनों द्वारा वर्तमान संकट का लाभ उठाते हुए अत्यधिक किराया वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं, जिन्हें सरकार बेहद गंभीरता से ले रही है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नई तय की गई किराया सीमाओं से किसी भी प्रकार का विचलन तत्काल कार्रवाई का आधार बनेगा.

निर्देश में कहा गया है कि जब तक देशभर में उड़ानों की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यह किराया नियंत्रण व्यवस्था प्रभावी रहेगी. मंत्रालय ने जोर देते हुए कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यात्रियों को अचानक बढ़े हुए किरायों से आर्थिक झटका न लगे.

इंडिगो संकट ने बिगाड़ी हवाई सेवा व्यवस्था

भारत की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो बीते कुछ दिनों से गहरे परिचालन संकट से जूझ रही है. नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के अनुरूप क्रू रोस्टर में बड़े बदलाव करने पड़े, जिसके चलते कई रूटों पर पायलट और क्रू की उपलब्धता घट गई. नतीजतन, एक ही दिन में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जो इंडिगो के इतिहास का सबसे खराब परिचालन दिवस माना जा रहा है.

इंडिगो की उड़ानों के धड़ाधड़ रद्द होने का असर अन्य एयरलाइनों पर भी पड़ा. बड़ी संख्या में यात्रियों ने अन्य विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे अचानक मांग बढ़ गई और टिकटों की कीमतें तेजी से आसमान छूने लगीं.

किराए में चार गुना तक बढ़ोतरी

उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगरों के बीच यात्रा करने वालों को टिकटों के लिए तीन से चार गुना तक अधिक कीमत चुकानी पड़ी.

उदाहरण के तौर पर, दिल्ली से मुंबई की नॉन-स्टॉप उड़ान का किराया 65,460 रुपये तक पहुंच गया. यह आम दिनों के मुकाबले लगभग चार गुना अधिक है. वहीं, वन-स्टॉप विकल्पों की कीमत 38,376 रुपये से 48,972 रुपये के बीच रही, जो समान रूप से अप्रत्याशित रूप से उच्च मानी गई.

स्थिति सामान्य होने तक सख्त निगरानी

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हवाई किराए पर कड़ी नजर रखी जाएगी और एयरलाइनों को किसी भी तरह की अनियमितता की अनुमति नहीं दी जाएगी. मंत्रालय ने कहा कि किराया सीमा लागू रहने से यात्रियों को राहत मिलेगी और संकट के दौरान भी हवाई यात्रा अनावश्यक रूप से महंगी नहीं होगी.

 

 

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