बैंक, टैक्स और FASTag से लेकर वाट्सएप तक... जानें 1 मार्च से क्या-क्या बदला, जेब पर पड़ेगा कितना असर
1 मार्च से गैस सिलेंडर की कीमतों, इनकम टैक्स रिटर्न सुधार, बैंकिंग नियमों, FASTag, UTS ऐप और मोबाइल ऐप्स के उपयोग से जुड़े कई बदलाव लागू हो गए हैं. इनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा.

नई दिल्ली: फरवरी की विदाई के साथ ही मार्च ने दस्तक दे दी है, और नए महीने की शुरुआत कई अहम बदलावों के साथ हो रही है. ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी जेब, बैंक खाते और रोजमर्रा के खर्चों को प्रभावित कर सकते हैं. गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर टैक्स रिटर्न, बैंकिंग नियम और मोबाइल ऐप्स तक- 1 मार्च से कई नियम बदल गए हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा.
गैस सिलेंडर हुआ महंगा
हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की नई कीमतें जारी की जाती हैं. इस बार 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ा दी गई है. दिल्ली में अब यह सिलेंडर 1768.50 रुपये में मिलेगा, जो पहले 1740.50 रुपये था. यानी कारोबारियों को अब 28 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. घरेलू बजट पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है.
इनकम टैक्स रिटर्न में सुधार का आखिरी मौका
अगर आपने पिछले वित्त वर्ष का इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय कोई गलती कर दी है, तो उसे सुधारने का मौका अभी भी है. 31 मार्च तक आप रिवाइज्ड आईटीआर फाइल कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए 1,000 से 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है. इसलिए समय रहते सुधार करना बेहतर रहेगा.
फर्जी निवेश कॉल्स पर सख्ती
शेयर बाजार से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. अब निवेश से संबंधित कॉल्स केवल ‘1600’ से शुरू होने वाले नंबरों से ही की जाएंगी. अगर किसी सामान्य 10 अंकों के मोबाइल नंबर से निवेश सलाह मिले, तो सतर्क रहें. यह फ्रॉड कॉल हो सकती है.
व्हाट्सऐप-टेलीग्राम के नए नियम
1 मार्च से ‘सिम-बाइंडिंग’ नियम लागू हो गया है. इसका मतलब है कि जिस सिम कार्ड से आपने अकाउंट बनाया है, अगर वह सिम आपके फोन में नहीं है तो ऐप काम नहीं करेगा. यानी अब व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप इस्तेमाल करने के लिए उसी सिम का फोन में होना जरूरी है.
फास्टैग यूजर्स को राहत
फास्टैग से जुड़ी केवाईवी प्रक्रिया में कुछ राहत दी गई है. अब बार-बार वाहन की जानकारी अपडेट कराने की परेशानी कम होगी. साथ ही 3 मार्च 2026 से कुछ डिजिटल वॉलेट्स में फास्टैग सब-वॉलेट की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे भुगतान और आसान हो सकेगा.
बैंकिंग नियमों में बदलाव
कई सरकारी बैंकों ने मिनिमम बैलेंस की गणना का तरीका बदला है. अब औसत मासिक बैलेंस (AMB) के आधार पर बैलेंस तय किया जाएगा. इससे ग्राहकों को पेनल्टी से कुछ राहत मिल सकती है, खासकर उन लोगों को जिनके खाते में हर दिन समान राशि नहीं रहती.
मार्च में बैंक रहेंगे 18 दिन बंद
भारतीय रिजर्व बैंक की छुट्टियों की सूची के अनुसार, मार्च 2026 में अलग-अलग राज्यों में कुल 18 दिन बैंक बंद रहेंगे. इसमें साप्ताहिक अवकाश, दूसरे और चौथे शनिवार के साथ विभिन्न त्योहार शामिल हैं. हालांकि 31 मार्च को महावीर जयंती होने के बावजूद सरकारी बैंक खुले रहेंगे ताकि वित्त वर्ष के अंतिम दिन के जरूरी काम पूरे किए जा सकें.
रेलवे का UTS ऐप बंद
रेलवे ने 1 मार्च से यूटीएस ऐप को बंद करने का फैसला किया है. अब यात्री अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और सीजन टिकट की बुकिंग इस ऐप से नहीं कर पाएंगे. इसके लिए रेलवे ने ‘रेलवन’ ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जिसे पहले ही लॉन्च किया जा चुका है.


