नई दिल्ली: देश में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर बड़ा बदलाव संभव है. सरकारी तेल कंपनियों और अमेरिका के बीच हुए नए सप्लाई समझौतों के बाद अब सरकार सब्सिडी के मौजूदा गणना फार्मूले पर दोबारा विचार कर रही है. इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं से लेकर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों तक पर पड़ सकता है.
अब तक एलपीजी सब्सिडी की गणना सऊदी अरब के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) के आधार पर होती रही है, लेकिन अमेरिकी एलपीजी के लॉन्गटर्म इंपोर्ट के बाद सरकारी कंपनियां इसमें अमेरिकी स्टैंडर्ड प्राइस और ज्यादा लॉजिस्टिक लागत को शामिल करने की मांग कर रही हैं. अगर यह बदलाव होता है तो आने वाले समय में गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
फिलहाल भारत में एलपीजी सब्सिडी की गणना पश्चिम एशिया से आने वाली सप्लाई के लिए तय सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस के आधार पर होती है. लेकिन अब सरकारी तेल कंपनियां चाहती हैं कि इसमें अमेरिका से आने वाली एलपीजी की कीमत और अटलांटिक पार शिपमेंट में लगने वाली लॉजिस्टिक लागत को भी जोड़ा जाए. अमेरिका से एलपीजी की ढुलाई लागत सऊदी अरब के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा बताई जा रही है.
पिछले महीने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने 2026 कॉन्ट्रैक्ट ईयर के लिए अमेरिका से लगभग 2.2 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष एलपीजी आयात करने का एक साल का समझौता किया है. यह भारत के कुल सालाना एलपीजी आयात का करीब 10 प्रतिशत है. हालांकि इससे पहले भारतीय कंपनियां स्पॉट मार्केट से अमेरिकी एलपीजी खरीदती रही हैं, लेकिन यह पहली बार है जब अमेरिका से लॉन्गटर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट किया गया है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका से आने वाली एलपीजी तभी किफायती साबित होगी जब सऊदी सीपी की तुलना में कीमतों में इतनी छूट मिले कि ज्यादा लॉजिस्टिक खर्च की भरपाई हो सके. अगर ऐसा नहीं होता है तो सरकार सब्सिडी में कटौती कर सकती है. इसका असर आम घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले करोड़ों लाभार्थियों पर भी पड़ सकता है, जिन्हें फिलहाल सब्सिडी के जरिए राहत मिल रही है.
आईओसीएल के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में दिल्ली में सब्सिडी के साथ घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 853 रुपये है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 1,580.50 रुपये में मिल रहा है. घरेलू सिलेंडर की कीमत में आखिरी बदलाव 8 अप्रैल 2025 को किया गया था, जब सरकार ने 50 रुपये की बढ़ोतरी की थी.
वर्तमान में उज्ज्वला योजना के तहत उपभोक्ताओं को 300 रुपये की सब्सिडी दी जाती है. 1 दिसंबर 2025 तक देश में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 10.35 करोड़ पहुंच चुकी है, जबकि कुल एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या करीब 33 करोड़ है.
First Updated : Tuesday, 30 December 2025