दिल्ली मेट्रो का बड़ा विस्तार: 97 KM के 7 नए कॉरिडोर को मिली मंजूरी, 65 नए स्टेशन बनाने की तैयारी

दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार को मंजूरी मिली है, जिसमें कई नए कॉरिडोर और स्टेशन शामिल हैं. यह योजना शहर के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देकर यात्रा को अधिक आसान और सुविधाजनक बनाएगी.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. राजधानी में सफर को और आसान और तेज बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से न सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि दूर-दराज के इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. आने वाले वर्षों में यह परियोजना दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तस्वीर बदल सकती है.

दिल्ली सरकार द्वारा स्वीकृत इस परियोजना के तहत मेट्रो के पांचवें चरण (फेज-5B) में कुल 97 किलोमीटर लंबे सात नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इन कॉरिडोर पर 65 नए मेट्रो स्टेशन विकसित किए जाने की योजना है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 48,204.56 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य उन इलाकों को मेट्रो से जोड़ना है, जहां अभी तक बेहतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है. खासतौर पर बाहरी और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए यह योजना तैयार की गई है.

प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर फोकस

सरकार ने इस परियोजना के तहत सात में से चार कॉरिडोर को प्राथमिकता दी है. इन कॉरिडोर पर सबसे पहले काम शुरू किया जाएगा ताकि जल्द से जल्द लोगों को इसका लाभ मिल सके. सरकार का लक्ष्य है कि इन प्राथमिकता वाले रूट्स को साल 2029 तक पूरा कर लिया जाए. इससे उन इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जहां रोजाना सफर करना अभी भी चुनौती बना हुआ है.

केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है और इसे केंद्र सरकार को भेज दिया गया है. अब इस पर अंतिम मुहर लगने के लिए कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के बीच हुई बैठक के बाद इस योजना को हरी झंडी मिली. हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने से पहले केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से वित्तीय स्वीकृति मिलना जरूरी होगा.

किन-किन कॉरिडोर को मिली मंजूरी

इस विस्तार योजना के तहत सात नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई
  • केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़
  • समयपुर बादली से नरेला
  • कीर्ति नगर से पालम
  • जोर बाग से मिथापुर
  • शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-2
  • केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर 34

ये सभी कॉरिडोर अलग-अलग हिस्सों को जोड़ेंगे और लोगों के सफर को काफी आसान बनाएंगे.

कॉरिडोर की खासियतें

ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई तक बनने वाला कॉरिडोर करीब 11.86 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 9 स्टेशन बनाए जाएंगे. यह पूरी तरह एलिवेटेड ट्रैक पर तैयार होगा. वहीं, केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़ कॉरिडोर लगभग 15.97 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 10 स्टेशन होंगे. इस रूट का अधिकांश हिस्सा भूमिगत बनाया जाएगा, जिससे शहर के बीचों-बीच ट्रैफिक पर असर कम पड़ेगा.

समयपुर बादली से नरेला तक 12.89 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 8 स्टेशन होंगे. वहीं कीर्ति नगर से पालम तक का रूट करीब 9.96 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 6 स्टेशन बनाए जाएंगे. इस कॉरिडोर की खास बात यह है कि इसका निर्माण जमीन के ऊपर और नीचे दोनों तरह से किया जाएगा.

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