भारतमाला स्कैम में बड़ा खुलासा, 11 जिलों में फैला 100 करोड़ का खेल
भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मुआवजा घोटाले बढ़ता जा रहा है. यह आंकड़ा शुरुआती अनुमान 35 से 40 करोड़ से काफी ज्यादा है. जांच अब राज्य के 11 से ज्यादा जिलों में फैल चुकी है.

छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मुआवजा घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED)की अब तक की जांच से पता चला है कि इस घोटाले की कुल कीमत 100 करोड़ से ज्यादा है. यह आंकड़ा शुरुआती अनुमान 35 से 40 करोड़ से काफी ज्यादा है. जांच अब राज्य के 11 से ज्यादा जिलों में फैल चुकी है.
जांच से यह साफ हो गया है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़ी गोपनीय जानकारी कारोबारियों और बिचौलियों को पहले ही लीक कर दी गई थी. इसके बाद इन लोगों ने कम कीमतों पर जमीन खरीदी और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर किया ताकि मुआवजे की रकम को कई गुना बढ़ाया जा सके.
ऐसे रची गई साजिश
जांच से पता चला है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़ी गोपनीय जानकारी नियमित रूप से कारोबारियों और बिचौलियों को समय से पहले लीक कर दी जाती थी. इस जानकारी के आधार पर, उन्होंने बहुत कम कीमतों पर जमीनें खरीदीं और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके सरकारी दस्तावेजो में हेरफेर किया, ताकि उन्हें जमीन के असली मूल्य से कई गुना ज्यादा मुआवजा मिल सके.
अब कई जिलों के तत्कालीन कलेक्टर और राजस्व अधिकारी जांच के दायरे में आ गए हैं. सरकारी मंजूरी देने के बदले भारी कमीशन लेने के आरोप भी सामने आए हैं. गुरुवार को, ED ने रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और कोरबा समेत 17 जगहों पर छापे मारे. जांच अधिकारियों ने सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के ठिकानों से 17 किलोग्राम सोना लगभग 3 करोड़ के हीरे के गहने और भारी मात्रा में नकदी बरामद की.
सोना और नकदी बरामद
गुरुवार को ED ने राज्य भर में 17 जगहों पर छापे मारे, जिनमें रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और कोरबा शामिल हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, बिलासपुर में मारे गए छापों के दौरान, अंबिकापुर से मिली रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी के एक नेता के सहयोगी के पास से 50 लाख से ज्यादा की रकम बरामद की गई है.
EOW ने इस मामले में पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है. ED अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है. इस मामले के सिलसिले में संबंधित जिलों के तत्कालीन कलेक्टर और राजस्व अधिकारी अब जांच के दायरे में आ गए हैं.
कई राज खुलने की उम्मीद
धमतरी के एक कारोबारी से जुड़ा मामला भी अब तेज हो गया है. जिस पर आरोप है कि उसने किसानों के नाम पर जमीन खरीदकर लगभग 100 करोड़ का मुआवजा हासिल किया. संदिग्धों के मोबाइल फोन की अभी बारीकी से जांच की जा रही है. आने वाले दिनों में, इन डिजिटल सबूतों से नौकरशाही और राजनीतिक हलकों की कई जानी-मानी हस्तियों के राज खुलने की उम्मीद है. ED की जांच रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, दुर्ग और राजनांदगांव में जारी है.


