प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से एक नई पेंशन स्कीम – यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लागू करने का ऐलान किया है. इस नई स्कीम का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सशक्त और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है. UPS के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद गारंटेड पेंशन मिलेगी, जो उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगी. इसके अलावा, सरकारी योगदान भी कर्मचारियों के लिए बढ़ाकर 18.5% कर दिया गया है, जो NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) के मुकाबले कहीं अधिक है.
सरकार ने इस कदम को 2025 के केंद्रीय बजट से पहले लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने वाली हैं, लेकिन इससे पहले ही मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए इस अहम बदलाव का ऐलान कर दिया. अब जानें, इस यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे और इसके प्रभाव क्या होंगे.
1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बेहतर पेंशन सुविधाएं प्रदान करना है. यह स्कीम NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) और पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) के बीच संतुलन बनाते हुए कर्मचारियों को स्थायी और गारंटेड पेंशन देने का काम करेगी. इस स्कीम के तहत सरकार का योगदान कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 18.5% होगा, जबकि अब तक यह योगदान 14% था.
यूनिफाइड पेंशन स्कीम उन कर्मचारियों के लिए लागू होगी जो NPS के तहत आते हैं. इस स्कीम के अंतर्गत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद उनके बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा. इस पेंशन के साथ महंगाई राहत (DR) का भी लाभ जोड़ा जाएगा. UPS के तहत कम से कम 25 साल की सेवा देने वाले कर्मचारियों को यह सुविधा प्राप्त होगी. इसके अलावा, अगर कर्मचारी का निधन हो जाता है, तो उनकी फैमिली के एक योग्य सदस्य को 60% पेंशन का लाभ मिलेगा.
UPS के लागू होने से सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ने की संभावना है. अनुमान है कि पहले साल में सरकार को 6250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा. हालांकि, इस स्कीम के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों को बेहतर पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभ मिलेंगे, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा.
यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त राशि और ग्रेच्युटी भी प्राप्त करेंगे. ग्रेच्युटी का हिसाब कर्मचारियों की 6 महीने की सेवा पर मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 10वें हिस्से के आधार पर किया जाएगा. हालांकि, इसमें ग्रेच्युटी की राशि ओपीएस की तुलना में कम हो सकती है.
UPS का लागू होना सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत का संकेत है. यह स्कीम उनके भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ देश के सरकारी खजाने पर भी दबाव डालने वाली है. हालांकि, यह कदम कर्मचारियों को लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा देने के लिए उठाया गया है, और इसके जरिए सरकार अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने का प्रयास कर रही है. First Updated : Sunday, 26 January 2025