नई दिल्ली: सीबीएसई की एक गंभीर लापरवाही के कारण दिल्ली के शाहदरा निवासी 12वीं के छात्र तनिष्क वत्स और उसका परिवार मुश्किल में पड़ गया. बोर्ड द्वारा जारी पहली मार्कशीट में किसी भी विषय के अंक दर्ज नहीं थे, जिससे यह पूरी तरह ब्लैंक थी. छात्र और परिवार यह देखकर हैरान रह गए, क्योंकि तनिष्क ने सभी परीक्षाएं अच्छे से दी थी.
परिवार ने तुरंत स्कूल प्रशासन को इस गलती की जानकारी दी. स्कूल की ओर से सीबीएसई को कई बार ईमेल भेजकर समस्या बताई गई, लेकिन शुरुआत में कोई समाधान नहीं मिला. इसके बाद छात्र अपने माता-पिता के साथ सीधे सीबीएसई कार्यालय पहुंचा और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.
सीबीएसई की तरफ से परिवार को बताया गया कि यह मामला आंसर शीट स्कैनिंग या प्रोसेसिंग में तकनीकी गड़बड़ी का हो सकता है. बोर्ड ने यह भी कहा कि लिखावट या स्कैनिंग सिस्टम में आई समस्या के कारण कॉपियां सही तरह से प्रोसेस नहीं हो पाई. हालांकि परिवार ने कहा कि परीक्षा के दौरान ऐसी किसी विशेष प्रक्रिया या स्याही की जानकारी नहीं दी गई थी.
लगातार प्रयासों और शिकायतों के बाद सीबीएसई ने छात्र की नई मार्कशीट जारी की. इस बार तनिष्क वत्स को 81 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए. सही मार्कशीट मिलने के बाद परिवार को राहत जरूर मिली, लेकिन उनकी परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई.
छात्र ने अपने छह विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया था और शुल्क भी जमा किया था, लेकिन बोर्ड ने केवल पांच विषयों की कॉपी उपलब्ध कराई. इससे प्रक्रिया को लेकर और अधिक सवाल खड़े हो गए.
री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करते समय भी समस्या सामने आई. पोर्टल पर “फोटोकॉपी के विषय अभी तक संसाधित नहीं हुए हैं” का संदेश दिख रहा है, जिससे आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा है. इस कारण छात्र आगे की प्रक्रिया नहीं कर पा रहा.
परिवार का कहना है कि लगातार हो रही इन परेशानियों का असर छात्र की मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है. तनिष्क काफी तनाव में है और परिवार उसे अकेला नहीं छोड़ रहा है. उनका आरोप है कि बोर्ड की लापरवाही और तकनीकी समस्याओं के कारण पूरा परिवार मानसिक दबाव झेल रहा है. First Updated : Friday, 05 June 2026