Entertainment News: पंजाब के फेमस सिंगर करण औजला और हनी सिंह के गानों ने महिलाओं के सम्मान को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. इनके गाने जो, जो अब तक युवाओं के बीच लोकप्रिय रहे हैं, अब महिलाओं का अपमान करने के आरोपों से घिरे हुए हैं. पंजाब महिला आयोग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए गायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. महिला आयोग के अनुसार, इनके गानों में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है, जो न सिर्फ समाज के लिए गलत है, बल्कि मानसिकता को भी प्रभावित करती है. अब यह मामला केवल गानों का नहीं, बल्कि समाज की सोच और महिलाओं के सम्मान का बन चुका है.
पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने इनके गानों को पूरी तरह 'बकवास' करार दिया है. उनका कहना है कि जब ये गायक मंच पर अपनी माताओं की तारीफ करते हैं, तो फिर अपने गानों में महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना उनका दोहरा मापदंड है. उन्होंने साफ तौर पर कहा, 'सिंगर अपनी माताओं से प्यार करने का दावा करते हैं, लेकिन गानों में ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं, जो पूरी तरह से महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है.'
महिला आयोग ने इनके गानों को गालियों से भरा हुआ बताया है. उनका कहना है कि इस प्रकार की भाषा नई पीढ़ी पर नकारात्मक असर डाल रही है. 'सिंगर समाज में आदर्श के रूप में देखे जाते हैं, लेकिन जब वही गायक अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो यह समाज की मानसिकता को खराब करता है,' आयोग ने कहा. सिंगर के शब्दों के कारण युवाओं में असंवेदनशीलता बढ़ रही है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. जिसे ठीक करने की जरूरत है.
राज लाली गिल ने कहा, 'ये सिंगर मंच पर अपनी मां की तारीफ करते हैं, लेकिन स्टूडियो में जाकर अपनी मां के साथ दुर्व्यवहार करते हैं. यह दोहरा मापदंड महिलाओं का अपमान है.' यदि सिंगर अपनी भाषा पर नियंत्रण नहीं रखते हैं, तो उनके गानों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की जाएगी. गिल ने यह भी कहा, 'अगर कलाकार अपनी भाषा पर काबू नहीं कर सकते, तो उनके गाने बंद करने होंगे. यह सिर्फ गाना नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति पर हमला है.'
महिला आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि वह इन गानों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश करेगा. 'हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां गालियां नहीं, बल्कि प्रेम और सम्मान के गीत सुनें,' आयोग ने कहा, इस विवाद के चलते पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव को पत्र लिखकर दोनों गायकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है. आयोग ने चंडीगढ़ पुलिस से 11 अगस्त तक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. First Updated : Thursday, 07 August 2025