रवि किशन के पैर छूने वाले तंज पर खेसारी का पलटवार, कहा- 'आप मेरे बाप मत बनिए'

खेसारी लाल यादव ने रवि किशन के तंज का जवाब देते हुए कहा कि उनका सम्मान करना उनके संस्कार का हिस्सा है और किसी का पैर छूना जनता के प्रति उनका आदर दर्शाता है. उन्होंने अपने संघर्ष और जनता से मिली ताकत को अपनी असली सफलता बताया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने सह-कलाकार और सांसद रवि किशन के हालिया बयान पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए खेसारी ने बिना नाम लिए कहा कि उन्हें लगातार बदनाम करने और घेरने की कोशिशें की जाती हैं, लेकिन वे हर बार मजबूती से खड़े रहते हैं. 

गोरखपुर महोत्सव में क्या बोले खेसारी?

खेसारी ने कहा कि मंच चाहे किसी और का हो, चर्चा अक्सर उनके नाम की ही होती है. उन्होंने दो टूक कहा कि जिस कलाकार को जनता ने सिर आंखों पर बैठाया हो, उसे कोई साधारण साजिश गिरा नहीं सकती. दरअसल, गोरखपुर महोत्सव के दौरान रवि किशन ने खेसारी लाल यादव के पैर छूने को लेकर तंज कसा था. इस दौरान भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह भी मंच पर मौजूद थे और पूरे बयान को मजाकिया अंदाज में पेश किया गया.

खेसारी ने इस टिप्पणी को अपने आत्मसम्मान से जोड़ते हुए जवाब दिया. उन्होंने कहा कि किसी का सम्मान करना उनके संस्कारों का हिस्सा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई उनके ऊपर हक जताने लगे. भावुक अंदाज में उन्होंने कहा कि उनके पिता का नाम श्री मंगरू यादव है और वे किसी और को यह अधिकार नहीं दे सकते कि वह खुद को उनका ‘बाप’ बताए.

संघर्ष भरे जीवन को याद कर भावुक हुए खेसारी 

अपने संघर्ष भरे जीवन को याद करते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा कि वे किसी विशेष सिफारिश या शॉर्टकट से इस मुकाम तक नहीं पहुंचे. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेहद कठिन हालात में की थी और कई बड़े कलाकारों के घरों में काम तक किया. खेसारी ने कहा कि उन्होंने गरीबी को बहुत करीब से देखा है और उसी संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी आलीशान जीवन से नहीं, बल्कि जमीन से उठकर यहां तक पहुंचे हैं.

इसके बावजूद खेसारी ने अपने बयान में संयम और शालीनता बनाए रखी. उन्होंने कहा कि चाहे उनके खिलाफ कितनी भी बातें कही जाएं, वे अपने संस्कार नहीं छोड़ेंगे. उनका कहना था कि भविष्य में भी यदि मुलाकात होगी, तो वे झुककर सम्मान देंगे, क्योंकि यही उनकी परवरिश है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि हर किसी को उतना ही बोलना चाहिए, जितना वह खुद सहन कर सके.

चुनावी राजनीति का जिक्र करते हुए खेसारी ने कहा कि भले ही परिणाम कुछ भी रहे हों, लेकिन उन्होंने जनता का दिल जीता है और यही उनकी असली जीत है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी ताकत किसी गॉडफादर या राजनीतिक संरक्षण में नहीं, बल्कि उन लाखों चाहने वालों में है जो उन्हें आज भी अपना मानते हैं.

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