पेट्रोल-डीजल, LPG की कालाबाजारी पर योगी सरकार की सख्त कार्रवाई, 24 के खिलाफ FIR और 6 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान चलाया. 1483 जगहों पर छापेमारी में 24 एफआईआर दर्ज हुईं और कई लोग गिरफ्तार किए गए. इससे गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है.

उत्तर प्रदेश: रसोई गैस यानी एलपीजी हर घर की जरूरत बन चुकी है. ऐसे में अगर इसकी आपूर्ति में गड़बड़ी हो या कालाबाजारी शुरू हो जाए तो आम लोगों की परेशानी बढ़ जाती है. इसी समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग और जिला प्रशासन ने पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया. इस कार्रवाई के बाद अवैध तरीके से गैस बेचने वालों में हड़कंप मच गया है, वहीं उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलने की उम्मीद बढ़ी है.
पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी
सरकारी जानकारी के अनुसार शुक्रवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में कुल 1,483 स्थानों पर जांच और छापेमारी की गई. इस दौरान एलपीजी वितरकों और उन जगहों पर विशेष नजर रखी गई जहां कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं. प्रवर्तन टीमों ने संदिग्ध गोदामों और दुकानों की जांच की और कई जगहों पर अनियमितताएं सामने आईं.
कार्रवाई के दौरान कुल 24 एफआईआर दर्ज की गईं. इनमें चार मामले गैस वितरकों के खिलाफ और बाकी 20 मामले उन लोगों के खिलाफ दर्ज हुए जो अवैध तरीके से सिलेंडर की बिक्री कर रहे थे. छापेमारी के दौरान छह लोगों को मौके से गिरफ्तार भी किया गया, जबकि 19 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
कालाबाजारियों में मचा हड़कंप
प्रदेश भर में अचानक हुई इस सख्त कार्रवाई से गैस की कालाबाजारी करने वालों में दहशत फैल गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी लगातार जांच और निरीक्षण किए जाएंगे.
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलपीजी सिलेंडर केवल सही उपभोक्ताओं तक पहुंचे और बीच में कोई भी व्यक्ति इसका गलत फायदा न उठा सके. ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक प्रशासन की टीमों ने सक्रिय होकर अभियान चलाया. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पहले कई बार सिलेंडर लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती थी या अतिरिक्त पैसे देने पड़ते थे, लेकिन अब व्यवस्था बेहतर होती नजर आ रही है और गैस समय पर मिल रही है.
उपभोक्ताओं को समय पर गैस देने पर जोर
प्रदेश में करीब 4,108 एलपीजी वितरक काम कर रहे हैं. सरकार ने सभी वितरकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे उपभोक्ताओं की बुकिंग के अनुसार समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी करें. अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में वितरकों के पास पर्याप्त संख्या में सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. इसके अलावा केंद्र सरकार ने वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों का 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन भी मंजूर किया है. इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों को भी गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
अधिकारियों की लगातार निगरानी
पूरे अभियान की निगरानी जिला पूर्ति अधिकारियों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है. वे लगातार फील्ड में जाकर व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कहीं भी कालाबाजारी या आपूर्ति में गड़बड़ी न हो. इस कदम से गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई गई तो तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी.
24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर नजर रखने के लिए खाद्य विभाग में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. यहां से पूरे प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को गैस या अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कमी का सामना न करना पड़े.
इस पूरे अभियान का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है. एलपीजी की कालाबाजारी पर रोक लगने से लोगों को उचित कीमत पर गैस सिलेंडर मिल सकेगा और अतिरिक्त पैसे देने की मजबूरी भी खत्म होगी. सरकार का मानना है कि लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई से गैस वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी और बाजार में पारदर्शिता बनी रहेगी.


