CM योगी की चेतावनी: श्रमिकों के काम का दाम नहीं मिलने पर सरकार अपनएगी ये कड़ा रुख

सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के श्रमिकों के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया है. उन्होंने कहा "राज्य में औद्योगिक शांति तभी कायम रहेगी जब श्रमिकों को उचित वेतन मिलेगा."

Shraddha Mishra

"श्रमवीर गौरव समारोह" के मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के श्रमिकों के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया है. बता दें, उन्होंने नियोक्ताओं और उद्योगपतियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि श्रमिकों को उनके काम के लिए उचित वेतन मिलना चाहिए. वहीं वेतन न देने वालों को सरकार द्वारा बर्खास्त कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रमिक और उद्योग एक दूसरे के बिना अधूरे हैं और राज्य में औद्योगिक शांति तभी कायम रहेगी जब श्रमिकों को उचित वेतन और उनके काम का सम्मान मिलेगा.

5 लाख मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा

इसके साथ ही मई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए धनराशि की घोषणा कर दी है. उन्होंने बताया कि राज्य के 15.83 करोड़ निर्माण श्रमिक परिवारों को अब 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा मिलेगा. इस योजना से राज्य के लगभग 80 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा उपचार न मिलने के कारण किसी भी श्रमिक की मृत्यु नहीं होने दी जाएगी.

ESIC अस्पताल बनाने की योजना 

एनएचएआई (ESIC) द्वारा वित्त पोषित स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्रेटर नोएडा में सात एकड़ भूमि पर 300 बिस्तरों वाला ईएसआईसी अस्पताल बनाया जाएगा. गोरखपुर में ईएसआईसी अस्पताल के लिए पांच एकड़ भूमि आरक्षित की गई है. स्थानीय स्तर पर रोकथाम और उपचार प्रदान करने के लिए राज्य के 34 अन्य जिलों में भी ईएसआईसी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे.

आवास और कैंटीन का होगा प्रबंधन

मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को जल्द ही एक नया वेतन बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा, "वेतन बोर्ड की सिफारिशें मिलते ही सरकार सभी श्रमिकों को बेहतर और अधिक किफायती वित्तीय पैकेज उपलब्ध कराएगी ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें." सरकार की योजना बीमा कंपनियों, श्रम विभाग और उद्योग जगत के साथ मिलकर भविष्य में 100 लाख कामकाजी परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने की है.

इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के पास छात्रावासों और कम लागत वाली कैंटीन का निर्माण किया जाएगा. इतना ही नहीं  मुख्यमंत्री ने आवास विभाग को अपने आवास भंडार में आवश्यक बदलाव करने का निर्देश भी दिया है ताकि निवासियों को अपने घरों के पास आवास मिल सके.
 

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