BAFTA 2026 में मणिपुरी फिल्म 'Boong' ने रचा इतिहास, हॉलीवुड को हराकर जीता अवॉर्ड, डायरेक्टर ने मणिपुर के लिए मांगी शांति
ब्लॉकबस्टर हॉलीवुड फिल्मों को मात देकर मणिपुरी फिल्म 'Boong' ने BAFTA 2026 में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब जीत लिया है. जो भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल है.

नई दिल्ली: ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स के बाफ्टा अवार्ड 2206 में भारतीय सिनेमा ने इतिहास रच दिया है. मणिपुरी भाषा की फिल्म 'बूंग' ने बेस्ट चिल्ड्रेंस एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में जीत हासिल की, जो किसी भारतीय फिल्म द्वारा इस श्रेणी में पहली जीत है. एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी यह फिल्म ब्लॉकबस्टर हॉलीवुड फिल्मों को मात देते हुए बाफ्टा के मंच पर भारत का झंडा लहराने में सफल रही.
फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी द्वारा प्रोड्यूस की गई बूंग ने 'लिलो एंड स्टिच', 'जूटोपिया 2' और 'आर्को' जैसी मजबूत प्रतियोगियों को पीछे छोड़कर यह सम्मान जीता. डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी की डेब्यू फिल्म ने जनवरी में नॉमिनेशन मिलने के बाद अब विजेता का ताज पहन लिया है, जिससे भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है.
नई दिल्ली: ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स के बाफ्टा अवार्ड 2206 में भारतीय सिनेमा ने इतिहास रच दिया है. मणिपुरी भाषा की फिल्म 'बूंग' ने बेस्ट चिल्ड्रेंस एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में जीत हासिल की, जो किसी भारतीय फिल्म द्वारा इस श्रेणी में पहली जीत है. एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी यह फिल्म ब्लॉकबस्टर हॉलीवुड फिल्मों को मात देते हुए बाफ्टा के मंच पर भारत का झंडा लहराने में सफल रही. फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी द्वारा प्रोड्यूस की गई बूंग ने 'लिलो एंड स्टिच', 'जूटोपिया 2' और 'आर्को' जैसी मजबूत प्रतियोगियों को पीछे छोड़कर यह सम्मान जीता. डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी की डेब्यू फिल्म ने जनवरी में नॉमिनेशन मिलने के बाद अब विजेता का ताज पहन लिया है, जिससे भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है. BAFTA में भारतीय फिल्म की ऐतिहासिक जीत BAFTA 2026 में बेस्ट चिल्ड्रेंस एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने अपने नाम किया. यह भारतीय सिनेमा के लिए पहली बार इस कैटेगरी में जीत है, जहां हॉलीवुड की बड़ी फिल्में भी मैदान में थीं. डायरेक्टर की भावुक भाषण अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद डायरेक्टर और लेखिका लक्ष्मीप्रिया देवी ने मंच पर भावुक भाषण दिया. उन्होंने मणिपुर में शांति की अपील की. लक्ष्मीप्रिया ने कहा-इस मौके का इस्तेमाल करके मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हम मणिपुर में शांति लौटने की प्रार्थना करते हैं. हम प्रार्थना करते हैं कि फिल्म में बाल कलाकारों सहित सभी विस्थापित बच्चे अपनी खुशी, अपनी मासूमियत और अपने सपने एक बार फिर से पा सकें. हम प्रार्थना करते हैं कि कोई भी लड़ाई इतनी बड़ी न हो कि वह उस एक सुपर पावर को खत्म कर दे जो हम सभी इंसानों में है, BAFTA आपका धन्यवाद कि आपने हमें न सिर्फ एक अवॉर्ड दिया, बल्कि अपनी उम्मीद जाहिर करने के लिए यह मंच भी दिया. Boong की कहानी क्या है? 'Boong' एक कमिंग-ऑफ-एज ड्रामा है जो मणिपुर के एक छोटे लड़के की कहानी पर आधारित है. वह अपनी परेशान सिंगल मदर को खुश करने के लिए लापता पिता को ढूंढने निकल पड़ता है. फिल्म अपनेपन, विस्थापन और इलाके के सामाजिक-राजनीतिक हालात जैसे गहरे मुद्दों को संवेदनशीलता से दर्शाती है. फिल्म की स्टार कास्ट फिल्म में गुगुन किपगेन, बाला हिजाम, अंगोम सनमतुम, विक्रम कोचर, नेमेटिया नंगबम, जेनी खुराई और हमोम सदानंद जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसका प्रीमियर हुआ था.
BAFTA में भारतीय फिल्म की ऐतिहासिक जीत
BAFTA 2026 में बेस्ट चिल्ड्रेंस एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने अपने नाम किया. यह भारतीय सिनेमा के लिए पहली बार इस कैटेगरी में जीत है, जहां हॉलीवुड की बड़ी फिल्में भी मैदान में थीं.
डायरेक्टर की भावुक भाषण
अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद डायरेक्टर और लेखिका लक्ष्मीप्रिया देवी ने मंच पर भावुक भाषण दिया. उन्होंने मणिपुर में शांति की अपील की. लक्ष्मीप्रिया ने कहा-इस मौके का इस्तेमाल करके मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हम मणिपुर में शांति लौटने की प्रार्थना करते हैं. हम प्रार्थना करते हैं कि फिल्म में बाल कलाकारों सहित सभी विस्थापित बच्चे अपनी खुशी, अपनी मासूमियत और अपने सपने एक बार फिर से पा सकें. हम प्रार्थना करते हैं कि कोई भी लड़ाई इतनी बड़ी न हो कि वह उस एक सुपर पावर को खत्म कर दे जो हम सभी इंसानों में है, BAFTA आपका धन्यवाद कि आपने हमें न सिर्फ एक अवॉर्ड दिया, बल्कि अपनी उम्मीद जाहिर करने के लिए यह मंच भी दिया.
Boong की कहानी क्या है?
'Boong' एक कमिंग-ऑफ-एज ड्रामा है जो मणिपुर के एक छोटे लड़के की कहानी पर आधारित है. वह अपनी परेशान सिंगल मदर को खुश करने के लिए लापता पिता को ढूंढने निकल पड़ता है. फिल्म अपनेपन, विस्थापन और इलाके के सामाजिक-राजनीतिक हालात जैसे गहरे मुद्दों को संवेदनशीलता से दर्शाती है.
फिल्म की स्टार कास्ट
फिल्म में गुगुन किपगेन, बाला हिजाम, अंगोम सनमतुम, विक्रम कोचर, नेमेटिया नंगबम, जेनी खुराई और हमोम सदानंद जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसका प्रीमियर हुआ था.


