नई दिल्ली: फैशन और फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कास्टिंग काउच और ड्रग्स के आरोप लगते रहते हैं. कई मॉडल्स और अभिनेत्रियां इन मुद्दों पर खुलकर बोल चुकी हैं, लेकिन मशहूर फैशन डिजाइनर रोहित वर्मा की राय इन आरोपों से काफी अलग है. उन्होंने साफ कहा कि यहां कोई किसी को जबरदस्ती नहीं करता, सब कुछ अपनी मर्जी से होता है.
रोहित वर्मा ने कहा कि फैशन इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा उंगली इसलिए उठाई जाती है क्योंकि यहां ग्लैमर ज्यादा है और कैमरे हर तरफ होते हैं. उन्होंने दावा किया कि फिल्म या फैशन इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच या ड्रग्स जैसी बातें ज्यादातर बनाई-बनाई होती हैं. वे बोले, “मैं बहुत गर्व से कहता हूं कि मैं फैशन इंडस्ट्री का क्वीन हूं. यहां जो भी आरोप लगाए जाते हैं, वो सब बकवास हैं. कोई किसी का रेप नहीं करता. सब कुछ सहमति से और अपनी मर्जी से होता है.”
रोहित वर्मा ने तर्क दिया कि कास्टिंग काउच सिर्फ फैशन या फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट जगत और अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा होता है, लेकिन वहां ग्लैमर कम होने के कारण किसी को पता नहीं चलता. फैशन इंडस्ट्री में कैमरे ज्यादा होने से मामला जल्दी हाइलाइट हो जाता है.
डिजाइनर ने जोर देकर कहा कि अगर किसी में सच्चा टैलेंट है, हुनर है और नीयत साफ है तो कोई भी उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता. उन्होंने अपने एक दोस्त का उदाहरण देते हुए बताया कि मीटू का आरोप लगाने वाले व्यक्ति की सारी चैट उन्होंने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दी थी.
रोहित वर्मा ने आगे समझाया कि इंडस्ट्री में लोग अपनी मर्जी से फैसले लेते हैं. रात के 12 बजे किसी के घर जाना, ड्रॉइंग रूम में कॉफी पीना और फिर बेडरूम में जाना ये सब कदम खुद उठाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई मना करना चाहे तो जा सकता है, लेकिन बाद में शिकायत करना गलत है. अपनी जिम्मेदारी खुद लेनी पड़ती है.
रोहित वर्मा हाल ही में अपने नए कलेक्शन के लॉन्च पर चर्चा में रहे थे, जहां अभिनेत्री बिपाशा बसु ने लंबे समय बाद रैंप वॉक किया था. रोहित का यह बयान इंडस्ट्री में चल रही बहस को फिर से शुरू कर गया है. कई लोग उनके विचार से सहमत नहीं हैं, जबकि कुछ उनका समर्थन भी कर रहे हैं. First Updated : Tuesday, 14 April 2026