केशव प्रसाद मौर्य के हेलिकॉप्टर में उड़ान के बीच धुआं, पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग से बची कई जानें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शनिवार को एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए। लखनऊ से कौशांबी जाते समय उनके हेलिकॉप्टर में अचानक धुआं भर गया। पायलट ने तुरंत फैसला लिया। हेलिकॉप्टर की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी लोग सुरक्षित हैं।

लखनऊ से शनिवार की सुबह एक सामान्य सरकारी दौरे की शुरुआत हुई थी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अपने तय कार्यक्रम के अनुसार कौशांबी जाने वाले थे। हेलिकॉप्टर ने ला मार्टिनियर ग्राउंड से उड़ान भरी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिख रहा था। कुछ ही मिनट बाद पायलट को मशीन में गड़बड़ी का संकेत मिला। केबिन के भीतर हल्का धुआं दिखाई देने लगा। यह दृश्य देखकर हेलिकॉप्टर में मौजूद लोगों की धड़कन बढ़ गई। हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए।
आखिर हेलिकॉप्टर में धुआं क्यों भरा?
उड़ान के दौरान अचानक केबिन में धुआं फैलने लगा। यह स्थिति किसी भी हेलिकॉप्टर के लिए खतरे की घंटी मानी जाती है। पायलट ने तुरंत सिस्टम की जांच की। तकनीकी खराबी का अंदेशा साफ दिखने लगा। हेलिकॉप्टर के अंदर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ ने भी स्थिति को गंभीर माना। धुएं के कारण कुछ क्षण के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मगर पायलट ने घबराने के बजाय तुरंत निर्णय लिया। यही फैसला आगे जाकर बड़ा हादसा टालने वाला साबित हुआ।
पायलट ने तुरंत क्या फैसला लिया?
पायलट ने देर किए बिना एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सूचना दी गई। हेलिकॉप्टर का रुख तुरंत एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। उड़ान को लंबा खींचना खतरे से खाली नहीं था। इसलिए सबसे सुरक्षित विकल्प चुना गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने भी तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति दी। कुछ ही मिनटों में हेलिकॉप्टर एयरपोर्ट की ओर उतरने लगा। सभी की नजरें उसी पर टिक गई थीं।
लखनऊ एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
एयरपोर्ट प्रशासन को पहले ही सूचना मिल चुकी थी। सुरक्षा और आपातकालीन टीम तुरंत सक्रिय हो गई। रनवे पर फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम तैयार खड़ी थी। जैसे ही हेलिकॉप्टर नीचे आया सबकी सांसें थम गईं। कुछ ही क्षण बाद सुरक्षित लैंडिंग हो गई। यह पल राहत का था। हेलिकॉप्टर के रुकते ही सुरक्षा टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
क्या उपमुख्यमंत्री सुरक्षित हैं?
सबसे बड़ा सवाल यही था कि हेलिकॉप्टर में बैठे लोग सुरक्षित हैं या नहीं। लैंडिंग के बाद अधिकारियों ने तुरंत जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनके साथ मौजूद अन्य लोग भी ठीक हैं। किसी को कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद उपमुख्यमंत्री को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अधिकारियों ने राहत की सांस ली। यह एक बड़ा हादसा बन सकता था।
अब तकनीकी टीम क्या जांच करेगी?
घटना के तुरंत बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बुला ली गई। हेलिकॉप्टर की पूरी जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जाएगा कि धुआं किस वजह से भरा। इंजन की खराबी थी या किसी अन्य सिस्टम में समस्या आई। विमानन नियमों के अनुसार हर पहलू की जांच की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी जानकारी जुटा रही हैं।
इस घटना ने क्या सवाल खड़े किए?
यह घटना कई सवाल भी छोड़ गई है। वीवीआईपी उड़ानों की तकनीकी जांच कितनी मजबूत होती है। क्या उड़ान से पहले सभी सुरक्षा जांच ठीक से हुई थीं। या फिर अचानक आई खराबी थी। फिलहाल सबसे राहत की बात यही है कि सभी सुरक्षित हैं। पायलट की सूझबूझ ने बड़ी दुर्घटना टाल दी। अगर कुछ मिनट और देरी होती तो हालात अलग हो सकते थे। फिलहाल जांच जारी है और पूरे मामले पर सबकी नजर बनी हुई है।


