15 मई तक बंद रहेंगे भारत के 32 एयरपोर्ट, पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच सरकार का फैसला

भारत-पाक तनाव के चलते केंद्र सरकार ने उत्तर और पश्चिम भारत के 32 हवाई अड्डों को 15 मई तक बंद रखने का फैसला किया है. श्रीनगर, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू समेत कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द की गई हैं. एयर इंडिया और इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों को रिफंड या रीबुकिंग की सुविधा दी है. दिल्ली एयरपोर्ट पर भी 100 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं. सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई है और यात्रियों से समय पर पहुंचने की अपील की गई है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते, केंद्र सरकार ने उत्तर और पश्चिम भारत के कई हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद रखने की अवधि को 15 मई तक बढ़ा दिया है. पहले यह पाबंदी 10 मई तक के लिए थी, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे आगे बढ़ाया गया है.

किन हवाई अड्डों पर असर पड़ा?

इस निर्णय से प्रभावित होने वाले प्रमुख हवाई अड्डों में श्रीनगर, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, लुधियाना, धर्मशाला, शिमला, पटियाला, भुंतर, जैसलमेर, जोधपुर, लेह, बीकानेर, पठानकोट, बठिंडा, किशनगढ़, जामनगर, भुज और राजकोट शामिल हैं. इन स्थानों से उड़ानें संचालित करने वाली एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइनों ने पहले ही अपनी सेवाएं रद्द करने की घोषणा कर दी है.

उड़ानों की रद्दीकरण सूचना

सूत्रों के अनुसार, ये सभी हवाई अड्डे 15 मई को सुबह 5:29 बजे तक आम नागरिक विमानों के लिए बंद रहेंगे. एयर इंडिया ने श्रीनगर, लेह, जोधपुर, चंडीगढ़, भुज, अमृतसर, राजकोट और जामनगर जैसे हवाई अड्डों के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं.

एयरलाइन ने यात्रियों को विकल्प दिया है कि वे या तो बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी टिकट पुनः बुक करवा सकते हैं या फिर पूर्ण रिफंड प्राप्त कर सकते हैं. इंडिगो ने भी सुरक्षा कारणों से श्रीनगर, जम्मू, चंडीगढ़, लेह, बीकानेर, धर्मशाला, जोधपुर और किशनगढ़ जैसे स्थानों की उड़ानें रद्द कर दी हैं.

दिल्ली एयरपोर्ट पर भी असर

इस स्थिति का असर देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी देखा गया, जहां शुक्रवार को 100 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं. सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच 66 घरेलू प्रस्थान उड़ानें और 63 आगमन उड़ानें रद्द कर दी गईं. इसके अतिरिक्त, पांच अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित हुईं.

दिल्ली हवाई अड्डा प्राधिकरण ने जानकारी दी कि हालांकि एयरपोर्ट सामान्य रूप से कार्य कर रहा है, लेकिन बदलती सुरक्षा स्थिति के कारण उड़ानों में देरी या रद्दीकरण संभव है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति एयरपोर्ट आने से पहले जांच लें.

यात्रियों के लिए सुझाव

बढ़ी हुई सुरक्षा जांच के चलते, यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने उड़ान प्रस्थान से कम से कम तीन घंटे पहले हवाई अड्डे पहुंचें. एयरलाइनों ने बताया है कि चेक-इन काउंटर उड़ान से 75 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे. यात्रियों को धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है. यह फैसला स्पष्ट करता है कि सरकार पड़ोसी देश के साथ तनावपूर्ण माहौल को गंभीरता से ले रही है और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है.

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