लद्दाख के जोजी ला में हिमस्खलन से 5 लोगों की मौत, श्रीनगर-लेह राजमार्ग अवरुद्ध
लद्दाख के जोजिला दर्रा पर हिमस्खलन से श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर बड़ा हादसा हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत और 7 घायल हो गए. कई वाहन बर्फ में दब गए हैं, जबकि सेना और प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर बचाव अभियान लगातार जारी है.

लद्दाख क्षेत्र में स्थित जोजिला दर्रा पर शुक्रवार को हुए एक भीषण हिमस्खलन ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया. श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर अचानक गिरी भारी बर्फ की चपेट में आने से कम से कम पांच लोगों की जान चली गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए. इस घटना के बाद राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और कई वाहन बर्फ के नीचे दब गए.
राहत एवं बचाव कार्य शुरू
दोपहर के समय आए इस हिमस्खलन की तीव्रता इतनी अधिक थी कि करीब 12 से 15 वाहन आंशिक या पूरी तरह बर्फ में समा गए. हादसे के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. इस अभियान में पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन (BRO), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के साथ-साथ सोनमर्ग और द्रास के स्थानीय प्रशासन को भी शामिल किया गया.
अधिकारियों के अनुसार, हिमस्खलन द्रास क्षेत्र में कैप्टन टर्न के पास हुआ, जहां चलते वाहनों को अचानक बर्फ ने अपनी चपेट में ले लिया. द्रास के उपमंडल मजिस्ट्रेट विशाल अत्री ने पुष्टि की कि इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं.
Heard the unfortunate news of an avalanche at Zoji La. I have directed the DC & SSP of Kargil to visit the spot immediately and mobilise relief and rescue operations.
— LG Ladakh (@lg_ladakh) March 27, 2026
All government agencies including disaster relief forces and BRO have been put on high alert.
I am personally…
प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ वाहन अब भी पूरी तरह बर्फ के नीचे दबे हुए हैं. बचाव दल लगातार फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है और बर्फ हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
विशाल अत्री ने क्या बताया?
विशाल अत्री ने बताया कि बचाव अभियान राजमार्ग के दोनों ओर से चलाया जा रहा है. एक तरफ सोनमर्ग की दिशा से और दूसरी तरफ द्रास की ओर से. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचने पर बड़ी मात्रा में बर्फ के नीचे दबे वाहन दिखाई दिए, लेकिन हिमस्खलन के पिछले हिस्से तक पहुंचना फिलहाल संभव नहीं हो सका है.
राहत कार्य को तेज करने के लिए सेना और अन्य एजेंसियों से अतिरिक्त मदद ली गई है. करीब 100 से अधिक कर्मी इस अभियान में लगे हुए हैं, जबकि एम्बुलेंस और अन्य जरूरी संसाधन भी मौके पर तैनात किए गए हैं. हालांकि, कश्मीर की ओर से आ रहे वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम ने बचाव कार्य में कुछ बाधाएं उत्पन्न कीं.
यह अभियान दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ और कई घंटों तक लगातार जारी रहा. अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ घंटों तक राहत कार्य जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.


