'हर 15 दिनों पर तेल की कीमत का रिव्यू किया जाएगा', सरकार ने किया बड़ा ऐलान

सरकार ने ऐलान किया है कि हर 15 दिनों पर तेल की कीमत का रिव्यू किया जाएगा. इस फैसले का उद्देश्य एक ओर तेल कंपनियों पर पड़ रहे वित्तीय दबाव को कम करना है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

सरकार ने ईंधन कीमतों को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अब हर 15 दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों की दरों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है. इस फैसले का उद्देश्य एक ओर तेल कंपनियों पर पड़ रहे वित्तीय दबाव को कम करना है तो दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं को कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से राहत देना भी है. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए की गई है.

सुजाता शर्मा ने क्या कहा?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और अगले दो महीनों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है. उन्होंने कहा कि एलपीजी और पीएनजी की स्थिति भी फिलहाल सामान्य बनी हुई है. पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है और रोजाना 10,000 से अधिक नए कनेक्शन उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल 2022 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है. इस दौरान या तो दाम स्थिर रहे हैं या कुछ मामलों में कमी देखने को मिली है. सरकार लगातार इस बात की निगरानी कर रही है कि कहीं अफवाहों के कारण जमाखोरी या कालाबाजारी न हो. लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं.

अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेज उछाल आया है. इसके चलते पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों पर भी असर पड़ा है. हालांकि, देश की रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और पिछले कुछ हफ्तों में वाणिज्यिक आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल हो रही है, जो अब लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

घरेलू उपलब्धता को प्राथमिकता

सरकार ने घरेलू उपलब्धता को प्राथमिकता देते हुए डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) और अन्य उपकर लगाए हैं, जबकि पेट्रोल पर मौजूदा परिस्थितियों में शुल्क शून्य रखा गया है. इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की गई है. पेट्रोल पर शुल्क को 21.90 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 11.09 रुपये और डीजल पर 17.8 रुपये से घटाकर 7.8 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.

सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो