भगोड़े डायमंड कारोबारी नीरव मोदी की मुश्किलें बढ़ीं, लंदन कोर्ट ने याचिका ठुकराई
नीरव मोदी को बड़ा झटका, लंदन हाई कोर्ट ने हीरा कारोबारी के प्रत्यर्पण आदेश को चुनौती देने वाली याचिका ठुकरा दी. CBI के अनुसार, भगोड़े कारोबारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
London Court Rejects Nirav Modi Appeal: सीबीआई की टीम ने क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकीलों के साथ मिलकर मजबूत दलीलें पेश कीं. सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा, भंडारी मामले में आए फैसले के आधार पर मामले में दोबारा सुनवाई शुरू करने की अर्जी दायर की गई थी. हालांकि, सीबीआई के निरंतर और समन्वित प्रयासों से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया. प्रवक्ता ने आगे बताया, सीबीआई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में महत्वपूर्ण वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पीएनबी घोटाले के संबंध में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है और इस मामले में कार्यवाही 2018 से जारी है.
अदालत ने ब्रिटेन में 2019 में हुई गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी और पिछली सभी अपीलें खारिज कर दी थीं. भारत द्वारा दिए गए आश्वासनों को भी स्वीकार किया गया. नीरव मोदी फिलहाल लंदन की जेल में बंद है. वह 19 मार्च 2019 से कैद है. वह अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर PNB को धोखा देने के आरोप में Wanted है और अकेले 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है. एक अस्थायी कानूनी बाधा अगस्त 2025 में हटाई गई थी, जिसके बाद यह फैसला आया.


