RR ने वैभव सूर्यवंशी के लिए 10 करोड़ रुपये किए आरक्षित, परखने के लिए 6 फुट लंबे तेज गेंदबाजों को मैदान में उतारा
कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट में बड़ी पहचान बना ली है, जिसमें आईपीएल और अंडर-19 स्तर पर उनके रिकॉर्डतोड़ कारनामे शामिल हैं. अब 15 साल की उम्र में वह अपने दूसरे आईपीएल सीजन में बड़ी उम्मीदों और कड़ी चुनौतियों के साथ खुद को साबित करने के लिए तैयार हैं.

महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है. इतनी कम उम्र में उनकी उपलब्धियां किसी अनुभवी खिलाड़ी जैसी लगती हैं. 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने बिहार के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी. इसके बाद 13 साल की उम्र में आईपीएल 2025 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा.
रातोंरात सुर्खियों में आए सूर्यवंशी
अगले ही साल, 14 की उम्र में उन्होंने आईपीएल में खेलते हुए 35 गेंदों में शतक जड़कर सनसनी मचा दी और रातोंरात सुर्खियों में आ गए. अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में उनकी 80 गेंदों पर 175 रन की धमाकेदार पारी ने उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बना दिया. अब वह अपने दूसरे आईपीएल सीजन की तैयारी में जुटे हैं, जहां उनसे उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा हैं. इतनी कम उम्र में इस स्तर का दबाव संभालना आसान नहीं होता, लेकिन सूर्यवंशी की प्रतिभा उन्हें खास बनाती है.
उनकी काबिलियत का अंदाजा राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक जुबिन भरूचा को अक्टूबर 2024 में हुए ट्रायल्स के दौरान ही लग गया था. उन्होंने टीम मैनेजमेंट को इस युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी रकम सुरक्षित रखने की सलाह दी थी. हालांकि, नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने भी दिलचस्पी दिखाई, लेकिन सूर्यवंशी 1.1 करोड़ रुपये में राजस्थान टीम के साथ जुड़ गए. जुबिन भरूचा ने नीलामी टीम को पिछले कई वर्षों में भारतीय बल्लेबाजी की इस सबसे बड़ी प्रतिभा के लिए 10 करोड़ रुपये अलग रखने का निर्देश दिया था.
भरूचा के अनुसार, सूर्यवंशी में वही खास बात दिखी जो उन्होंने पहले यशस्वी जायसवाल और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों में देखी थी. ट्रायल के दौरान उनकी बल्लेबाजी ने सभी को प्रभावित किया. तेज गेंदबाजों के सामने भी उनका आत्मविश्वास और शॉट चयन बेहद परिपक्व नजर आया. शुरुआत में उन्होंने गेंदों को समझदारी से छोड़ा, जिससे उनकी तकनीकी समझ का पता चलता है.
आक्रामक बल्लेबाजी है सूर्यवंशी की ताकत
हालांकि, उनकी असली ताकत उनकी आक्रामक बल्लेबाजी है. ट्रायल के दौरान 157 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद पर सीधा छक्का जड़ना उनके असाधारण टैलेंट को दर्शाता है. इतनी तेज गेंद पर इस तरह का शॉट खेलना बड़े-बड़े बल्लेबाजों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है.
पिछले कुछ महीनों में सूर्यवंशी ने जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अब असली चुनौती उनके सामने है. आईपीएल 2026 में उन्हें दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों का सामना करना होगा, जो उनके खेल का गहराई से विश्लेषण कर चुके होंगे. ऐसे में उन्हें लगातार खुद को ढालना और बेहतर बनाना होगा. इतनी कम उम्र में ही उनके सामने बड़ी परीक्षा है, लेकिन उनकी प्रतिभा को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह इस चुनौती पर खरे उतरेंगे.


