छात्रों के सपनों पर फेरा पानी... बोर्ड एग्जाम से पहले FIITJEE के 8 कोचिंग सेंटर बंद, अभिभावकों में गुस्सा

उत्तर भारत में FIITJEE के 8 कोचिंग सेंटर अचानक बंद हो गए, जिससे बोर्ड और एंट्रेंस परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और अभिभावकों में हड़कंप मच गया. शिक्षकों के वेतन ना मिलने के कारण सामूहिक इस्तीफे के चलते यह स्थिति बनी. जिसके बाद, अभिभावकों ने फीस रिफंड और सूचना ना मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया.

Simran Sachdeva

स्कूलों में बोर्ड परीक्षा होने में कुछ ही समय बाकी है, जिसके लिए छात्र-छात्राएं कड़ी मेहनत कर रहे हैं. परीक्षा होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी. इसे क्लियर करने के लिए काफी समय पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती हैं. इसी बीच खबर है कि उत्तर भारत के कम से कम 8 FIITJEE कोचिंग सेंटर पिछले हफ्ते अचानक बंद हो गए. इस फैसले ने बोर्ड और एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों को संकट में डाल दिया है. अधिकारियों के अनुसार, कई शिक्षकों ने वेतन ना मिलने के कारण सामूहिक इस्तीफा दे दिया, जिसके चलते इस तरह की स्थिति बन गई. 

नोएडा से मेरठ तक फैला संकट

FIITJEE के नोएडा, गाजियाबाद, भोपाल, वाराणसी, दिल्ली और पटना के कोचिंग सेंटर बंद हो गए हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी संस्थान ने अपने संचालन को रोक दिया. अधिकारियों ने बताया कि मेरठ सेंटर ने शुरू में नोएडा से शिक्षकों की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन यह केवल कुछ दिनों तक ही संभव हो पाया. इसके बाद संस्थान को पूरी तरह बंद करना पड़ा.

अभिभावकों का गुस्सा और पुलिस शिकायतें

अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि कोचिंग संस्थान ने उन्हें पहले कोई सूचना नहीं दी और ना ही फीस का रिफंड किया. कई जगहों पर अभिभावकों ने बंद हो चुके सेंटरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. 

6 लाख फीस दी, लेकिन पढ़ाई बंद

मेरठ के एक छात्र के अभिभावक ने बताया कि लगभग 6 महीने पहले कुछ राज्यों में FIITJEE के कोचिंग सेंटर बंद हो गए थे. तब उन्होंने हमें भरोसा दिलाया था कि ये सेंटर बंद नहीं होंगे और हमें फीस का भुगतान करना चाहिए. मैंने 6 लाख रुपये पहले ही निवेश कर दिए हैं. उन्होंने सभी से पैसे लिए और कहा कि क्लासेस चलती रहेंगी. यहां तक कि जब शिक्षक छोड़कर चले गए, तब भी उन्होंने कहा कि हम मैनेज कर लेंगे. 

शिक्षकों का वेतन नहीं मिलने से इस्तीफा

एक अन्य अभिभावक, जिन्होंने हाल ही में 4 लाख रुपये की फीस जमा की थी, उन्होंने बताया कि एक शिक्षक ने हमें बताया कि अधिकतर फैकल्टी सदस्य इसलिए जा रहे हैं क्योंकि उन्हें महीनों से वेतन नहीं मिला है. FIITJEE कथित तौर पर वित्तीय संकट का सामना कर रही है. इसके साथ ही, इसके कई ब्रांचों पर लाइसेंसिंग और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासनिक और नागरिक कार्रवाई हो रही है. यह संकट उस समय गहराया है जब 22, 23 और 24 जनवरी को JEE मेन एग्जाम के सत्र-1 के लिए छात्रों की तैयारी समाप्त हो चुकी है. 

30 साल पुराना संस्थान संकट में

FIITJEE की स्थापना 1992 में डीके गोयल द्वारा की गई थी, जो आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के स्नातक हैं. बता दें कि ये कोचिंग संस्थान इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा और NEET कोचिंग में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करता है. FIITJEE के पास 41 शहरों में 72 सेंटर हैं और इसमें 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं. 

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