सलाखों के पीछे पहुंचे राजपाल यादव...HC की सख्ती के बाद तिहाड़ जेल में किया सरेंडर

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद तिहाड़ जेल में शाम करीब 4 बजे अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया. कोर्ट की ओर से उन्हें चेक बाउंस के मामले सजा भुगतने का आदेश दिया था.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन राजपाल यादव कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. चेक बाउंस के एक लंबे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सख्त निर्देश दिए थे. अभिनेता ने अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका ठुकरा दी. कोर्ट का साफ कहना था कि पहले सरेंडर करें, फिर याचिका पर विचार होगा. इस फैसले के बाद राजपाल यादव ने गुरुवार शाम को तिहाड़ जेल पहुंचकर सरेंडर कर दिया. यह घटना फिल्म जगत में चर्चा का विषय बन गई है.

तिहाड़ जेल में किया सरेंडर

आपको बता दें कि तिहाड़ जेल के सूत्रों ने पुष्टि की कि राजपाल यादव ने शाम लगभग चार बजे जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया. दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्होंने खुद को सौंप दिया. जेल प्रशासन ने उनकी एंट्री दर्ज कर ली है. अब वे सजा काटने की प्रक्रिया में शामिल होंगे.

कोर्ट ने खारिज की मोहलत की गुहार
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने बुधवार को राजपाल यादव की याचिका पर फैसला सुनाया. अभिनेता ने सरेंडर के लिए और समय मांगा था. कोर्ट ने साफ कहा कि पिछली बार मुंबई में होने का हवाला देकर दो दिन की छूट मिल चुकी है. अब कोई आधार नहीं बचा. याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है.

कानून के सामने सब बराबर
दरअसल, सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने जोर दिया कि कानून का सम्मान हर किसी को करना होगा. चाहे कोई फिल्म स्टार हो या आम आदमी, विशेष रियायत नहीं मिल सकती. राजपाल के वकील ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी और कहा कि 50 लाख रुपये का इंतजाम हो गया है. वे जल्द भुगतान कर देंगे. लेकिन कोर्ट ने इन बातों को नहीं माना.

कोर्ट के फैसले के बाद अभिनेता ने सरेंडर किया 
वकील ने कोर्ट को बताया कि अगर समय मिल जाए तो पैसे जमा कर दिए जाएंगे. अन्यथा सरेंडर कर देंगे. उन्होंने सबूत भी पेश किए. लेकिन अदालत ने दलीलें कमजोर बताईं. कोर्ट का मानना था कि बार-बार वादे तोड़े गए हैं. इसलिए अब कोई ढील नहीं दी जा सकती. फैसले के बाद अभिनेता ने समय पर जेल में हाजिर होकर सरेंडर किया.

मामले की जड़ क्या है ?
यह पूरा विवाद चेक बाउंस से जुड़ा है. मामला उनकी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के दौरान लिए गए कर्ज से संबंधित है. 2024 में कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी करार दिया और सजा सुनाई. अभिनेता ने कई बार भुगतान का वादा किया, लेकिन पैसे नहीं चुकाए. कोर्ट ने उनके डिफॉल्ट को गंभीरता से लिया और सजा भुगतने का आदेश दिया. अब वे जेल में समय बिताएंगे.

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