अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री में हुआ धमाका, 8 की मौत, लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चल रही थी फैक्ट्री
अहमदाबाद के एक पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट में 8 लोगों की मौत हो गई हैं. जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट रामोल-गत्राद रोड नहर के किनारे स्थित एक खुले परिसर में संचालित पटाखा इकाई में हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

नई दिल्ली: गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक पटाखा कारखाने में हुए भीषण विस्फोट में 8 लोगों की मौत हो गई हैं, जबकि 10 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे है. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वहां अवैध रूप से उत्पादन जारी था.
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट रामोल-गत्राद रोड नहर के किनारे स्थित एक खुले परिसर में संचालित पटाखा इकाई में हुआ है. शुरुआत में दो लोगों की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई. बता दें, हादसे में घायल श्रमिकों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
BIG NEWS REGARDING BLAST
Blast at 'Illegal' Firecracker Factory in Ahmedabad; 8 Killed and Several Injured.
PLEASE PRAY FOR THEM 🙏 #Firecracker #Illegal #Ahmedabad #Gujarat pic.twitter.com/aGarPLd2Kt— NIRAJ MALHOTRA (@nirajmalhotra) July 18, 2026
अवैध रूप से चल रहा था कारखाना
पुलिस ने फैक्ट्री संचालक की पहचान मेहुल डोडिया के रूप में की है. जांच अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही कैंसिल किया जा चुका था, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए वहां पटाखों का निर्माण जारी रखा गया. इस पहलू को जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है. हालांकि हादसे के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में हुई है.
मामले को लेकर जांच जारी
घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम समेत अन्य जांच एजेंसियां पहुंच चुकी हैं, जो विस्फोट के कारणों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जांच कर रही हैं. पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


