CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही, थप्पड़ मारने की कोशिश का भी आरोप
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी. इतना ही नहीं, उनके समर्थकों का आरोप है कि महिला ने उन्हें थप्पड़ मारने की भी कोशिश की. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को चल रहे प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी. इतना ही नहीं, उनके समर्थकों का आरोप है कि महिला ने उन्हें थप्पड़ मारने की भी कोशिश की. घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोगों ने महिला को पकड़ लिया. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे थे. तभी अचानक एक महिला उनके करीब पहुंची और उन पर स्याही फेंक दी. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महिला को पकड़ लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान महिला ने दीपके को थप्पड़ मारने की भी कोशिश की. हालांकि, इससे पहले कि वह सफल हो पाती, वहां मौजूद वॉलंटियर्स और समर्थकों ने उसे रोक लिया. घटना के बाद कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर तनाव का माहौल बन गया.
#WATCH | Delhi: Moment when ink was thrown at the founding president of the Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke, during the protest at Jantar Mantar pic.twitter.com/okqNkjXNC7
— ANI (@ANI) July 18, 2026
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद बढ़ी हलचल
शनिवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर लगातार हलचल बनी हुई थी. सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने लंबे समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी बढ़ गई. इसी बीच अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि वह भी अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे. इसके कुछ समय बाद ही उन पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई, जिससे आंदोलन का माहौल और गर्मा गया.
अभिजीत दीपके ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए अपने अनिश्चितकालीन अनशन की घोषणा की. उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और उनकी भूख हड़ताल तत्काल प्रभाव से शुरू हो गई है. इस दौरान जंतर-मंतर पर कई अन्य छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल रहे. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं.
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया. हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर सहमति नहीं जताई और कहा कि पूरी कार्रवाई अदालत के निर्देशों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई. पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. साथ ही प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील भी की गई.
किस मुद्दे को लेकर चल रहा है आंदोलन?
जंतर-मंतर पर यह आंदोलन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और इससे जुड़े विवादों को लेकर चल रहा है. आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे थे. उनके अस्पताल में भर्ती होने के बाद अभिजीत दीपके ने आंदोलन की कमान संभालते हुए अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया. इसी बीच उन पर स्याही फेंके जाने की घटना ने पूरे विरोध प्रदर्शन को नया मोड़ दे दिया. अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.


