ईरान में बिगड़े हालात के बीच भारत लौटे नागरिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजनों से मिले

ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच, कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात सुरक्षित रूप से भारत लौट आए और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे. उनकी वापसी भारतीय सरकार द्वारा जारी एक एडवाइजरी के बाद हुई, जिसमें ईरान में रहने वाले भारतीयों से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण देश छोड़ने का आग्रह किया गया था.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और ईरान में हिंसक प्रदर्शनों के बीच कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित भारत लौट आए. इन नागरिकों की वापसी भारत सरकार की उस एडवाइजरी के बाद हुई, जिसमें बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए ईरान में रह रहे भारतीयों से देश छोड़ने की अपील की गई थी. हवाई अड्डे पर लौटे लोगों से मिलने के लिए उनके परिजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे.

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. मंत्रालय के अनुसार, भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

ईरान से लौटे भारतीय नागरिक

ईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने वहां की स्थिति को “खराब” बताते हुए भारत सरकार और दूतावास के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा, "वहां हालात बहुत खराब हैं. भारत सरकार काफी सहयोग कर रही है और दूतावास ने हमें जल्द से जल्द ईरान छोड़ने के बारे में जानकारी दी... 'मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है'."

प्रदर्शन, इंटरनेट बंदी और डर का माहौल

एक अन्य भारतीय नागरिक ने एएनआई से बातचीत में बताया कि हालात पिछले कुछ हफ्तों में तेजी से बिगड़े. उन्होंने कहा,

"हम वहां एक महीने तक रहे. लेकिन हमें पिछले एक-दो हफ्तों से ही समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है... जब हम बाहर जाते थे, तो प्रदर्शनकारी गाड़ी के सामने आ जाते थे. वे थोड़ी बहुत परेशानी खड़ी करते थे... इंटरनेट बंद था, इसलिए हम अपने परिवारों को कुछ भी नहीं बता पाए, इसलिए हम थोड़े चिंतित थे..."
उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान दूतावास से संपर्क भी नहीं हो पा रहा था.

हालात बहुत खतरनाक थे

जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले एक अन्य लौटे भारतीय नागरिक ने अशांति की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा,"मैं जम्मू और कश्मीर का निवासी हूं... वहां के विरोध प्रदर्शन खतरनाक थे. भारत सरकार ने बहुत अच्छा प्रयास किया है और छात्रों को वापस लाया है."

 परिवारों ने जताया आभार

भारत लौट रहे नागरिकों के स्वागत के लिए उनके परिवार एयरपोर्ट पर मौजूद रहे. एक परिवार अपनी चाची का इंतजार कर रहा था, जो तीर्थयात्रा पर ईरान गई थीं. एक रिश्तेदार ने कहा,"मेरी पत्नी की चाची तीर्थयात्रा पर ईरान गई थीं... ईरान हमेशा से भारत का अच्छा मित्र रहा है और हमें मोदी सरकार पर पूरा भरोसा था, जिसने लगातार हमारा समर्थन किया... हम भारत सरकार के आभारी हैं कि उसने इसे संभव बनाया."

परिजनों की चिंता

अपनी भाभी का इंतजार कर रहे एक व्यक्ति ने कहा,"मेरी भाभी आज ईरान से लौट रही हैं. ईरान में युद्ध जैसी स्थिति थी और इंटरनेट ठप था. हम किसी भी तरह से उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे थे. हम चिंतित थे... हमें बहुत खुशी है कि वह सुरक्षित भारत लौट रही हैं..."

वहीं, दो लौटे लोगों के परिवार के एक सदस्य ने बताया,"मेरी मां और मौसी ईरान से लौट रही हैं. हम चिंतित थे क्योंकि तीन दिनों से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था... वे आज भारत लौट रही हैं."

भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी

इससे पहले तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों सहित सभी भारतीय नागरिकों से "बदलती स्थिति" का हवाला देते हुए वाणिज्यिक उड़ानों समेत उपलब्ध परिवहन विकल्पों का उपयोग कर ईरान छोड़ने की सलाह दी थी.इसके साथ ही, विदेश मंत्रालय ने अगली सूचना तक भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की भी अपील की है. मंत्रालय ने 5 जनवरी को जारी एडवाइजरी को दोहराते हुए सतर्क रहने और विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा है.

ईरान में अशांति की पृष्ठभूमि

ईरान में 28 दिसंबर को ईरानी रियाल की भारी गिरावट के विरोध में तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से अशांति की शुरुआत हुई थी, जो बाद में पूरे देश में फैल गई. मुद्रा संकट के साथ-साथ पानी की गंभीर कमी, बिजली कटौती, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई ने हालात को और बिगाड़ दिया.

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