फोटो, वीडियो के लिए बाहर न जाए...इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को दी खास सलाह
इजरायल और ईरान युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से खास अपील की है कि वे सैन्य घटनास्थलों की तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए घटना वाले जगहों पर जाने से बचे.

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में अमेरिका. इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग ने अब खाड़ी देशों को भी पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है. ईरान द्वारा पड़ोसी अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं. इस बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं. इन सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर स्थानीय प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
प्रतिबंधित क्षेत्रों में फोटोग्राफी पर पाबंदी
आपको बता दें कि भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि किसी भी भारतीय नागरिक को सैन्य घटना स्थलों. प्रतिबंधित क्षेत्रों या हवाई अड्डों के भीतर अनाधिकृत रूप से फोटो खींचने या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है. दूतावास ने सचेत किया है कि यूएई अधिकारी ऐसे कार्यों को कानून का गंभीर उल्लंघन मानेंगे. चेतावनी अलार्म बजने पर तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए. जब तक खतरा टलने की घोषणा न हो. तब तक बाहर निकलकर तस्वीरें लेने या वीडियो रिकॉर्ड करने का प्रयास करना सुरक्षा के लिए काफी जोखिम भरा हो सकता है.
सोशल मीडिया पर शेयर न करें
एक महत्वपूर्ण निर्देश में भारतीयों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमलों से संबंधित किसी भी फोटो या वीडियो को साझा न करने के लिए कहा गया है. इसमें मिसाइलों के गिरने से हुए नुकसान या उनके मलबे की तस्वीरें शामिल हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री का प्रसार न केवल स्थानीय कानूनों का उल्लंघन है. बल्कि इससे अनावश्यक दहशत भी फैल सकती है. दूतावास ने अपील की है कि नागरिक सुरक्षा के लिए स्थानीय दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों से बचें.
संदिग्ध वस्तुओं की सूचना तुरंत दें
यदि किसी के आसपास मिसाइल के टुकड़े या कोई भी संदिग्ध वस्तु गिरती है. तो उसे न तो छूना चाहिए और न ही उसके पास जाना चाहिए. ऐसी स्थिति में नागरिकों को तुरंत स्थानीय सक्षम अधिकारियों को सूचित करना चाहिए ताकि वे स्थिति को सुरक्षित और तेजी से संभाल सकें. यह निर्देश सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. क्योंकि युद्ध के मलबे और बिना फटे छर्रों से जान-माल का बड़ा खतरा हो सकता है. नागरिकों को सतर्क रहने और कानून के कड़े दायरे में रहने की सलाह दी गई है.
खाड़ी देशों में छिड़ा भीषण संघर्ष
वर्तमान में खाड़ी देश अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव का मुख्य केंद्र बन गए हैं. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के प्रतिशोध में ईरान ने अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. रविवार रात यूएई. कुवैत. सऊदी अरब और बहरीन ने ईरानी हवाई हमलों को विफल करने का दावा किया. हालांकि. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सेना को निर्देश दिया है कि वे केवल हमलावर देशों को ही निशाना बनाएं और उन्होंने अपने पड़ोसी देशों से माफी भी मांगी है.
निर्यात का पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता
युद्ध के गहराने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी संकट के बादल छा गए हैं. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज' के बंद होने की आशंका के बीच यूएई और कुवैत ने अपने तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है. वैश्विक ऊर्जा निर्यात का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. इस मार्ग की बंदी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकती है. भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से स्थानीय कानूनों और यूएई अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा कूटनीतिक निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है.


