उत्तम नगर हत्याकांड: तरुण की मौत के बाद प्रशासन सख्त, आरोपी के घर पर चला बुलडोजर
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुए झगड़े में 26 वर्षीय तरुण की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी से जुड़ी अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाया.

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है. मामूली विवाद से शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि 26 वर्षीय युवक तरुण की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं. मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने आरोपियों से जुड़े एक घर को बुलडोजर से गिरा दिया है. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आरोपी निजामुद्दीन से संबंधित अवैध निर्माण पर की गई है.
#WATCH | Uttam Nagar murder case: Municipal Corporation of Delhi (MCD) carries out bulldozer action against the property of an accused. According to officials, action is being taken against the property linked to the accused Nizamuddin.
— ANI (@ANI) March 8, 2026
Police have so far apprehended seven… pic.twitter.com/bCl211h6Nf
होली के दिन 4 मार्च को हुई इस घटना के बाद उत्तम नगर में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था. अगले दो दिनों तक इलाके में विरोध प्रदर्शन भी हुए. प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कुछ गाड़ियों में आग भी लगा दी गई. हालांकि पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के बाद स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या गड़बड़ी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है.
सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक सात लोगों को पकड़ लिया है. इनमें छह वयस्क आरोपी हैं, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उमरदीन, जुम्मादीन, मुस्ताक, कमरुद्दीन, मुजफ्फर और ताहिर के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार ये सभी उत्तम नगर इलाके के ही रहने वाले हैं. फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है.
पानी के गुब्बारे से शुरू हुआ विवाद
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि पुलिस को बुधवार रात करीब 11 बजे झगड़े की सूचना मिली थी. बताया गया कि अलग-अलग समुदाय के पड़ोसियों के बीच विवाद हो गया है. जांच में सामने आया कि विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब एक लड़की ने कथित तौर पर एक महिला पर पानी का गुब्बारा फेंक दिया. इसके बाद दोनों परिवारों के लोग सड़क पर आ गए और कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई. इस झगड़े में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग घायल हुए. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तरुण की हालत गंभीर बताई गई. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
हत्या की धारा जोड़ी गई
शुरुआत में पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराओं के तहत दर्ज किया था. लेकिन जब तरुण की मौत हो गई, तो एफआईआर में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई. पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों परिवार करीब 50 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे. पहले भी उनके बीच पार्किंग या कूड़ा फेंकने जैसी छोटी-छोटी बातों पर विवाद होते रहे हैं.
घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश
पुलिस का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व इस मामले को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकारियों ने साफ कहा है कि ऐसी कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें.
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि होली जैसे पवित्र त्योहार के दिन इस तरह की घटना बेहद दुखद और निंदनीय है. उन्होंने कहा कि राजधानी में ऐसी हिंसक घटनाओं के लिए सरकार की नीति बिल्कुल भी सहनशील नहीं है.
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी.


