नई दिल्ली: Axis My India के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने 9 साल पुराने एक मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 2017 में पश्चिम बंगाल में उनकी टीम के लोगों को ममता बनर्जी सरकार के गुस्से का शिकार होना पड़ा था। हाल ही में PTI को दिए एक इंटरव्यू में गुप्ता ने कहा कि उस समय Axis My India के छह सर्वेक्षकों को 30 दिनों के लिए जेल में डाल दिया गया था। बाद में उन्हें जमानत पर बाहर निकाला गया।
प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उनके छह सर्वेक्षकों को दमदम जेल में बंद कर दिया गया था। उन पर आरोप लगाया गया कि वे लोगों से पूछ रहे थे कि वे किसे वोट देंगे। आरोप यह भी था कि अगर कोई टीएमसी का नाम लेता तो उसका वोट काट दिया जाता। गुप्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।
Axis My India के एमडी ने कहा कि जेल में बंद सर्वेक्षकों के लिए उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहां से उन्हें राहत मिली। कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर की और कंपनी को अपना काम जारी रखने को कहा। गुप्ता ने कहा कि आज भी उनका कुछ सामान जेल में ही पड़ा है।
गुप्ता ने दावा किया कि टीएमसी ने उस समय राज्य की मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया। उनके सर्वेक्षकों को डराया धमकाया गया और कुछ मामलों में गिरफ्तार भी किया गया। उन्होंने कहा कि हाल के चुनाव में भी उनके छह लोगों को जेल में डाल दिया गया था। अदालत की फटकार के बाद ही राज्य सरकार ने उन्हें रिहा किया।
प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस बार पूरे पश्चिम बंगाल में पुलिस थानों को अलर्ट कर दिया गया था। सभी थानों को Axis My India के सर्वेक्षकों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया था।
बुधवार, 20 मई 2026 को चुनाव पर बात करते हुए प्रदीप गुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के सालों के कुशासन ने भय का माहौल बना दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व, अमित शाह और आरएसएस की संगठनात्मक ताकत ने बीजेपी को सत्ता तक पहुंचाया।
गौरतलब है कि Axis My India के संचालक गुप्ता ने इस बात को खारिज कर दिया कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी को हराने में हिंदू वोटों के एकजुट होने की भूमिका थी। उन्होंने कहा कि बदलाव की वजह कुशासन और बीजेपी की रणनीति रही। First Updated : Wednesday, 20 May 2026