वैष्णो देवी जाने से पहले पढ़ लें यह खबर, ऑनलाइन बुकिंग के बिना हो सकती है परेशानी

गर्मी की छुट्टियों के बीच माता वैष्णो देवी यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से पहले से ऑनलाइन बुकिंग कराने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में भीड़ काफी अधिक है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अगर आप इन दिनों माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यात्रा से पहले ऑनलाइन बुकिंग कराना बेहद जरूरी हो गया है. गर्मी की छुट्टियों के चलते कटड़ा और भवन क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. हालात ऐसे हैं कि कई सेवाओं की एडवांस बुकिंग पहले से ही पूरी तरह भर चुकी है और पंजीकरण केंद्रों को भी तय समय से पहले बंद करना पड़ रहा है. ऐसे में बिना योजना के यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से पहले से ऑनलाइन बुकिंग कराने की अपील की है. बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से यात्रा पर्ची, आवास, हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी सुविधाओं की अग्रिम बुकिंग की जा सकती है. अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में भीड़ काफी अधिक है, इसलिए जिन श्रद्धालुओं ने पहले से बुकिंग नहीं कराई है, उन्हें सेवाएं मिलने में दिक्कत हो सकती है.

एक सप्ताह में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

कटड़ा से लेकर भवन तक हर जगह श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. पिछले सात दिनों के दौरान तीन लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं. यात्रा मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्राइन बोर्ड लगातार निगरानी कर रहा है. कटड़ा, यात्रा मार्ग और भवन परिसर में श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से रुकने की अनुमति नहीं दी जा रही है ताकि भीड़ का दबाव कम किया जा सके. आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 43 हजार से 50 हजार श्रद्धालु कटड़ा पहुंच रहे हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है.

मुख्य केंद्र बंद होने पर क्या करें?

भीड़ अधिक होने की स्थिति में कई बार मुख्य पंजीकरण केंद्र निर्धारित समय से पहले बंद कर दिए जाते हैं. ऐसे में ऑनलाइन यात्रा पर्ची रखने वाले श्रद्धालु दर्शनी ड्योढ़ी और ताराकोट मार्ग के प्रवेश बिंदुओं पर बने पंजीकरण केंद्रों से अपना आरएफआईडी कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. हाल के दिनों में भीड़ के कारण कई बार पंजीकरण केंद्र समय से पहले बंद करने पड़े हैं. छह जून को केंद्रों को निर्धारित समय से लगभग दो घंटे पहले बंद कर दिया गया था. वहीं रविवार को भी शाम के समय पंजीकरण प्रक्रिया रोकनी पड़ी थी.

पंजीकरण केंद्र समय से पहले हो रहे बंद

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या का असर यात्रा से जुड़ी सभी प्रमुख सेवाओं पर दिखाई दे रहा है. हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, रोपवे और आवास जैसी सुविधाओं की मांग तेजी से बढ़ गई है. श्राइन बोर्ड के अनुसार, पर्यावरण और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाती है. इसी कारण भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए पंजीकरण केंद्रों को कई बार समय से पहले बंद करना पड़ता है. सोमवार रात भी निर्धारित समय से पहले पंजीकरण प्रक्रिया बंद कर दी गई थी. उस समय हजारों श्रद्धालु कटड़ा में यात्रा शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे.

लंबा इंतजार कर रहे हैं श्रद्धालु

वर्तमान में पंजीकरण केंद्रों, सुरक्षा जांच चौकियों, भवन परिसर और दर्शन स्थलों पर श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. कई यात्रियों को घंटों कतार में खड़े रहना पड़ रहा है. भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन और श्राइन बोर्ड के कर्मचारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो.

ऑनलाइन एडवांस बुकिंग लगभग फुल

हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, रोपवे और भवन क्षेत्र में उपलब्ध आवास सेवाओं की अधिकांश ऑनलाइन बुकिंग अगले कई दिनों के लिए भर चुकी है. ऐसे में अचानक यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं. हालांकि बुजुर्ग श्रद्धालुओं, दिव्यांग व्यक्तियों और गंभीर रूप से बीमार यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले सभी आवश्यक बुकिंग और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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