बेकार की अटकलें...भारत ने एपस्टीन फाइलों में PM मोदी की इजरायल यात्रा के जिक्र को किया खारिज

सरकार ने एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे का जिक्र होने की खबरों को खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने इसे एक दोषी अपराधी की 'अविश्वसनीय और अश्लील' कल्पना बताया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का वह दौरा पूरी तरह से औपचारिक और सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसका एपस्टीन जैसे व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : भारत सरकार ने शनिवार को अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का उल्लेख होने पर तुरंत प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि इन रिपोर्टों में प्रधानमंत्री और उनके 2017 के इजराइल दौरे का जिक्र महज एक ईमेल में किया गया है.

सभी बातें एक दोषी अपराधी की घटिया कल्पनाएं

आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय के बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा गया, "प्रधानमंत्री के जुलाई 2017 में इजराइल के आधिकारिक दौरे के तथ्य के अलावा, ईमेल में की गई बाकी सभी बातें एक दोषी अपराधी की घटिया कल्पनाएं हैं, जिन्हें पूरी तरह से खारिज किया जाना चाहिए." सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और अविश्वसनीय बताया.

30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज, 2,000 वीडियो...
ये दस्तावेज अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा एक बड़े पैमाने पर जारी किए गए हैं. उप न्याय महानिदेशक टॉड ब्लैंच ने शुक्रवार को बताया कि इस जारीकरण में 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज, 2,000 वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी कानूनी कार्यवाही में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ये दस्तावेज जारी किए गए हैं.

प्रधानमंत्री का वह दौरा पूरी तरह से सार्वजनिक
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन दस्तावेजों में प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र केवल उनके जुलाई 2017 में इजराइल के आधिकारिक दौरे के संबंध में है. उन्होंने जोर देकर कहा कि एपस्टीन या उसके सहयोगियों द्वारा लिखे गए ईमेल में इसका उल्लेख होना किसी भी तरह की गलत हरकत का सबूत नहीं है. प्रधानमंत्री का वह दौरा पूरी तरह से सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज एक औपचारिक राजकीय यात्रा थी.

भारत ने इन दावों को पूरी तरह से किया खारिज 
भारत सरकार ने इस पूरे मामले में बहुत स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाया है. सरकार का कहना है कि एक दोषी अपराधी द्वारा लिखे गए ईमेल में की गई टिप्पणियों को गंभीरता से लेने की कोई आवश्यकता नहीं है. भारत ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और कहा है कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं हमेशा पारदर्शी और राष्ट्रहित में रही हैं. सरकार ने मीडिया और जनता से ऐसे निराधार आरोपों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है.

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