बिहार के नालंदा में बढ़ती गोलीबारी और अपराध के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के लिए सख्त निर्देश जारी किए है. सीएम सम्राट ने नालंदा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए राज्य में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा सबसे ऊपर है. इसलिए पुलिस प्रशासन को तब तक मुस्तैद रहेगी जब तक बेटियां और महिलाएं सुरक्षित अपने वापस न आ जाएं.
अपनाई गई जीरो टॉलरेंस की नीति
इसके साथ ही अपने भाषण को संबोधित करते हुए सीएम ने जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया और कहा कि राज्य में हो रही महिलाओं के साथ हिंसा को बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके साथ उन्होंने कहा कि 10 या 15 साल जितनी कम उम्र की लड़कियों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वाले आरोपियों को माला पहनाने की कोई आवश्यकता नहीं है. इसके बजाय, उनकी तस्वीरों पर माला चढ़ाने जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे पूरे प्रशासनिक तंत्र में सख्ती का एक स्पष्ट संदेश जाए.
प्रशासनिक ढांचा मजबूत
बता दें, श्री शरण निवास महतो बाबा के विवाह उत्सव के उपलक्ष्य में शुक्रवार, 1 मई को मुख्यमंत्री द्वारा नालंदा जिले के प्रणावा गांव में दो दिवसीय राजकीय शुभारंभ किया गया है. इस मेले में स्थानीय लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया.
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने आम जनता को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है. आने वाले समय में, लोगों को पुलिस थानों, सर्कलों या ब्लॉक कार्यालयों से जुड़े अपने विभिन्न कार्यों, चाहे वे छोटे हों या बड़े, उनके लिए अब दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं उनकी शिकायतों का समाधान जल्द-जल्द किया जाएगा. First Updated : Friday, 01 May 2026