पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. विधान परिषद की सीटों को लेकर चुनाव आयोग की बड़ी घोषणा ने राज्य के राजनीतिक माहौल को अचानक तेज कर दिया है. जैसे ही आयोग ने नौ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया, वैसे ही सभी प्रमुख दल सक्रिय हो गए. सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक अब उम्मीदवारों के चयन और रणनीति बनाने में जुट गए हैं. इन चुनावों को सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आने वाले राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव समझा जा रहा है.
भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा कोटे से खाली हो रही बिहार विधान परिषद की नौ सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा की है. इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, जिसके बाद नए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा. चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक दलों के भीतर हलचल तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं. जिन नेताओं की सीटें खाली हो रही हैं उनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मोहम्मद फारुख, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं.
इन नियमित सीटों के अलावा एक सीट ऐसी भी है जिस पर पूरे बिहार की निगाहें टिकी हुई हैं. यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई है. चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव कराने का भी ऐलान किया है. एनडीए और महागठबंधन दोनों ही इस सीट को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं. ऐसे में उम्मीदवार के चयन को लेकर काफी सावधानी बरती जा रही है. माना जा रहा है कि इस सीट पर होने वाला मुकाबला राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प हो सकता है.
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही नेताओं के बीच सक्रियता बढ़ गई है. विभिन्न दलों में टिकट पाने के लिए अंदरखाने बैठकों और संपर्कों का दौर शुरू हो चुका है. विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए कुछ सीटों पर परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं, लेकिन फिर भी उम्मीदवारों के चयन को लेकर कोई दल जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा. कई वरिष्ठ नेता और नए चेहरे अपने-अपने स्तर पर पार्टी नेतृत्व को मनाने में जुट गए हैं. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि कुछ दल सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों पर दांव लगा सकते हैं.
निर्वाचन आयोग ने चुनाव और उपचुनाव के लिए पूरा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है. आयोग के मुताबिक 1 जून 2026 को अधिसूचना जारी की जाएगी और उसी दिन से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. उम्मीदवार तय समय के भीतर अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे. इसके बाद 18 जून को मतदान कराया जाएगा. वोटिंग पूरी होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू होगी और उसी दिन देर शाम तक परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है. First Updated : Tuesday, 26 May 2026