रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को राहत, छत्तीसगढ़ सरकार ने उठाया बड़ा कदम

रमजान के पवित्र महीने में छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों को रोजाना निर्धारित समय से एक घंटा पहले कार्यालय से जाने की अनुमति दे दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

रमजान के पवित्र महीने के दौरान रोजा रखने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अहम फैसला लिया है. राज्य सरकार ने सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों को रोजाना निर्धारित समय से एक घंटा पहले कार्यालय से जाने की अनुमति दे दी है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है, जो पूरे रमजान महीने तक प्रभावी रहेगा. इस फैसले का उद्देश्य रोजा रखने वाले कर्मचारियों को धार्मिक कर्तव्यों और इबादत के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है.

सरकार द्वारा जारी आदेश में क्या कहा गया?

सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा राज्य के सभी सरकारी विभागों, बोर्ड, निगम और अन्य अर्ध-सरकारी संस्थानों में लागू होगी. कर्मचारी अपने नियमित कार्य समय से एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ सकेंगे, ताकि वे इफ्तार की तैयारी और अन्य धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकें. यह व्यवस्था हर साल रमजान के दौरान लागू की जाती रही है, जिससे रोजा रखने वाले कर्मचारियों को कार्य और धार्मिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलती है.

भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य में लिए गए इस निर्णय का विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया है. छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सलीम राज ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने वाला है. सलीम राज ने यह भी कहा कि यह पहल नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के सिद्धांत को मजबूत करने का उदाहरण है, जिसमें सभी वर्गों को समान महत्व दिया जाता है.

छत्तीसगढ़ से पहले दक्षिण भारत के अन्य राज्यों ने भी रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को इसी तरह की सुविधा प्रदान की है. तेलंगाना सरकार ने अपने यहां सरकारी कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय से जाने की अनुमति दी है, ताकि वे इफ्तार और नमाज की तैयारियों में शामिल हो सकें. इसी तरह आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मुस्लिम कर्मचारियों के लिए कार्यालय समय में एक घंटे की छूट देने का आदेश जारी किया है. इन फैसलों का मकसद कर्मचारियों को धार्मिक कर्तव्यों के पालन में सुविधा देना है.

तेलंगाना सरकार ने उठाया अतिरिक्त कदम 

तेलंगाना में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार ने अतिरिक्त कदम उठाते हुए दुकानों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 5 बजे तक खुले रहने की अनुमति भी दी है. इससे सेहरी के समय लोगों को आवश्यक वस्तुएं और भोजन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा. व्यापारियों और होटल संचालकों को भी इस फैसले से राहत मिली है, क्योंकि रमजान के दौरान देर रात तक कारोबार बढ़ जाता है.

रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं. इस दौरान वे संयम, अनुशासन और आध्यात्मिक साधना का पालन करते हैं. शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है, जबकि रात में मस्जिदों में विशेष तरावीह की नमाज अदा की जाती है. इस महीने का उद्देश्य आत्मशुद्धि, दान और समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देना होता है.

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