मकर संक्रांति की खुशियां मातम में बदलीं, चाइनीज मांझे ने एक दिन में चार जिंदगियां छीन लीं
मकर संक्रांति पर जहां आसमान रंगीन पतंगों से भरा था, वहीं जमीन पर नायलॉन से बने चाइनीज मांझे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

देशभर में मकर संक्रांति पर लोग पतंग उड़ाने में जुटे थे। हर गली और छत पर पतंगों की डोरें दिख रही थीं। लेकिन इसी बीच नायलॉन से बने चाइनीज मांझे ने कहर बरपा दिया। कई जगहों पर लोग सड़क पर चलते हुए इसकी चपेट में आ गए। किसी की गर्दन कटी तो किसी की सांस थम गई। खुशी का दिन देखते ही देखते मातम में बदल गया।
क्या है यह खतरनाक चाइनीज मांझा?
चाइनीज मांझा नायलॉन से बनी बेहद पतली और तेज डोर होती है। इसे पहले चीन से मंगाया जाता था, इसलिए इसे यही नाम मिला। यह आम सूती मांझे से कहीं ज्यादा मजबूत होती है। इसी वजह से यह दूसरी पतंगों की डोर आसानी से काट देती है। लेकिन इसकी यही धार इंसानी त्वचा को भी काट देती है। कई बार एक हल्की सी टक्कर भी जानलेवा बन जाती है।
इंदौर में कैसे गई एक व्यक्ति की जान?
मध्य प्रदेश के इंदौर में 45 साल के रघुबीर धाकड़ बाइक से जा रहे थे। अचानक एक पतंग का नायलॉन मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। तेज धार ने उनकी गर्दन काट दी। खून बहुत तेजी से बहने लगा। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। यह हादसा सबको झकझोर कर रख गया।
उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में दो लोगों की इसी तरह जान चली गई। पहले एक शिक्षक की गर्दन कट गई। थोड़ी देर बाद बाइक चला रहे एक युवक की भी मौत हो गई। कर्नाटक के बीदर जिले में संजू कुमार होसामणि नाम के 48 वर्षीय व्यक्ति की गर्दन में मांझा फंस गया। एंबुलेंस आने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। एक ही दिन में चार मौतों ने सबको डरा दिया।
क्या अदालत ने इस खतरे पर सख्ती दिखाई?
इन घटनाओं के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने चाइनीज मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई नाबालिग इस मांझे से पतंग उड़ाता पाया गया तो उसके माता पिता जिम्मेदार होंगे। यह फैसला लोगों की जान बचाने के लिए लिया गया है।
क्या अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?
हाईकोर्ट ने साफ किया है कि प्रतिबंध के बावजूद अगर कोई इस मांझे को बेचता या इस्तेमाल करता पाया गया तो उस पर लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया जाएगा। इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। यह चेतावनी दुकानदारों और पतंग उड़ाने वालों दोनों के लिए है। कानून अब किसी तरह की ढील नहीं देना चाहता।
क्या खतरा अभी भी खत्म नहीं हुआ है?
पिछले एक साल में पुलिस ने लाखों गट्टे चाइनीज मांझा जब्त किया है। कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इसके बावजूद यह मांझा चोरी छिपे बिक रहा है। जब तक लोग खुद सतर्क नहीं होंगे तब तक खतरा बना रहेगा। त्योहार की खुशी तभी पूरी होगी जब सब सुरक्षित रहेंगे। एक पतंग किसी की जान से ज्यादा कीमती नहीं हो सकती।


