मान जाओ, वरना ...नहीं तो हो जाओ तैयार....बकरीद के एक हफ्ते पहले चेतावनी
उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ-साफ कह दिया है कि अगर नमाज पढ़नी है तो सड़क वो जगह नहीं है जहां आप नमाज पढ़ सकते हैं।

सीएम योगी के बयान के बाद यूपी में खलबली मच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया है कि यूपी में सड़को पर नमाज बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी। सड़क आवागमन के लिए है। उन्होंने कहा कि कानून का राज सबके लिए समान है। सीएम योगी के सख्त बयान के उस हिस्से को लेकेर भी खासा चर्चा है जिसमें उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जिनको नमाज पढ़नी है वो या तो शिफ्ट में पढ़े या फिर अपने धार्मिक स्थल का इस्तेमाल करें। अगर संवाद से बात नहीं बनेगी तो फिर दूसरे रास्त अपनाए जाएंगे।
सीएम योगी की साफ-साफ चेतावनी
आपको बता दें कि सीएम योगी ने सोमवार ने बड़ा बयान देते हुए साफ-साफ कहा कि आपको नमाज पढ़नी है शिफ्ट में पढ़िए। प्यार से मानेंगे ठीक नहीं तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं साहब आपके यहां यूपी में क्या सचमुच में सड़कों पर नमाज नहीं होती ? मैं कहता हूं कतई नहीं होती। आप जाकर देख लो नहीं होती है। अरे सड़कें चलने के लिए है या कोई भी व्यक्ति चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा। क्या अधिकार है उसको सड़क को रोकने का ? आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है ? जहां उसका स्थल होगा वहां जा कर करें।
हमारी संख्या ज्यादा है कैसे होगा?
सीएम योगी ने कहा कि उनलोगों ने मुझसे कहा कि साहब कैसे होगा ? हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा शिफ्ट में कर लो। तुम्हारे घर में जगह नहीं तो भाई संख्या नियंत्रित कर लो। नहीं है समार्थ्य तो क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाई जा रही है और आपको यह चाहिए कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो याद करना कि हम उन नियम और कानून को मानना शुरू करें।
कानून का राज है और वही चलेगा
सीएम योगी ने कहा कि कानून का राज होगा। कानून के राज को समान रूप से लागू करेंगे। नमाज पढ़नी आवश्यक है तो शिफ्ट में पढ़िए। हम उसको रोकेंगे नहीं। लेकिन सड़क पर नहीं। सड़क एक आम नागरिक, एक कामगार, एक बीमार व्यक्ति.एक व्यापारी और एक कर्मचारी के लिए होती है..सरकार का नियम सब पर समान रूप से लागू होता है। सड़कों पर अराजकता नहीं फैलने देंगे। प्यार से मानेंगे तो ठीक है नहीं तो फिर दूसरा रास्ता अपनाएंगे। हमारा काम है संवाद बनाना। अगर आप संवाद से नहीं मानेंगे तो संघर्ष भी कर के देख लो। बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का काम किया देख लिया ताकत। सरकार सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती है।


