NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI पहुंची कोर्ट, बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंढारे की मांगेगी रिमांड
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में CBI रविवार को राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंची और बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंढारे की रिमांड मांगेगी. पुणे की रहने वाली आरोपी मनीषा ने विशेष क्लास में छात्रों को बायोलॉजी और जूलॉजी के प्रश्न हूबहू बता दिए थे, जो परीक्षा में आए.

नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI की टीम रविवार 17 मै को राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंची. शुक्रवार को गिरफ्तार की गई बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंढारे को कोर्ट में पेश किया जा रहा है. CBI आज अदालत से आरोपी की रिमांड मांग सकती है.
कौन है आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंढारे?
मनीषा गुरुनाथ मंढारे पुणे की रहने वाली बोटनी (वनस्पति विज्ञान) की लेक्चरर हैं. CBI के अनुसार, उन्होंने पूर्व में गिरफ्तार आरोपी मनीषा बाघमारे के घर पर विशेष क्लास में छात्रों को बायोलॉजी और जूलॉजी के प्रश्नों के साथ-साथ उनके उत्तर भी बता दिए थे.
ये सारे प्रश्न बाद में नीट परीक्षा में हूबहू आए. इससे पहले CBI ने केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया था. दोनों आरोपी पुणे के ही हैं.
CBI की जांच NTA अधिकारियों पर
दोनों लेक्चररों की गिरफ्तारी के बाद CBI की जांच अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के उच्च अधिकारियों की ओर मुड़ गई है. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कुलकर्णी और मंढारे को पेपर किसने उपलब्ध कराया.
CBI अधिकारी के मुताबिक, पेपर लीक की पूरी चेन अब सामने आ गई है. पेपर पुणे से नासिक, गुरुग्राम होते हुए जयपुर पहुंचा और फिर वॉट्सएप व टेलीग्राम चैनलों के जरिए फैल गया. इस चेन में शामिल कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
#WATCH | NEET-UG 2026 paper leak case | CBI brought the accused Manisha Mandhare to the Rouse Avenue court to produce her before the CBI Judge.
— ANI (@ANI) May 17, 2026
A key accused, Manisha Gurunath Mandhare, a Senior Botany Teacher from Pune, has been arrested in Delhi after thorough interrogation… pic.twitter.com/ezqrdVcSZd
कैसे तैयार होता है पेपर?
CBSE, JEE और NEET जैसी परीक्षाओं के लिए पूरे देश से विषय विशेषज्ञों का पैनल बनाया जाता है. हर विषय के 100-150 शिक्षक अलग-अलग प्रश्न बनाते हैं. इनमें से कुछ प्रश्नों को मिलाकर अंतिम पेपर तैयार किया जाता है.
किसी भी शिक्षक को यह नहीं पता होता कि उसका कौन सा प्रश्न अंतिम पेपर में जाएगा. लेकिन आरोपी लेक्चररों के पास केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पूरे प्रश्नपत्र पहले से मौजूद थे, जो बेहद संदिग्ध है.
CBI अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि पेपर लीक की इस बड़ी साजिश में और कौन-कौन शामिल है. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट मनीषा गुरुनाथ मंढारे की रिमांड पर फैसला करेगा.


