दिल्ली-NCR में बारिश से मिली राहत: लेकिन मौसम विभाग ने फिर से गर्मी बढ़ने की दी चेतावनी

बारिश के बावजूद मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उमस का स्तर ऊंचा रहेगा। इसकी वजह से बाहर निकलना अभी भी असहज बना रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक रुक-रुक कर होने वाली बारिश और बादलों से कुछ देर के लिए गर्मी कम हो सकती है।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: सोमवार (12 मई 2026) को दिल्ली-NCR के कई इलाकों में हुई बारिश ने लोगों को हफ्तों से पड़ रही तेज गर्मी से थोड़ी राहत दी। बादल छाए रहने और बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और दिन की झुलसाने वाली धूप से कुछ देर का सुकून मिला। पिछले हफ्ते भी राजधानी में इसी तरह की बारिश देखने को मिली थी। यह इस इलाके में तेजी से बदलते मौसम का संकेत है।

उमस ने फिर भी किया परेशान 

आपको बताते चलें कि बारिश के बावजूद मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उमस का स्तर ऊंचा रहेगा। इसकी वजह से बाहर निकलना अभी भी असहज बना रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक रुक-रुक कर होने वाली बारिश और बादलों से कुछ देर के लिए गर्मी कम हो सकती है, लेकिन शहर के ज्यादातर हिस्सों में चिपचिपा मौसम बना रहेगा।

13 मई से फिर बढ़ेगा पारा 

IMD का अनुमान है कि 13 मई 2026 से मौसम फिर करवट लेगा। उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ रहा है। आसमान साफ होने और मई की तेज धूप लौटने के साथ दिल्ली-NCR में तापमान धीरे-धीरे फिर बढ़ने लगेगा। अगले कुछ दिन लोगों को फिर से गर्मी झेलनी पड़ सकती है।

मई में पूरे देश में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान 

IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में मई 2026 के दौरान पूरे भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इस महीने बारिश लंबी अवधि के औसत से 110 प्रतिशत से ज्यादा रह सकती है। हालांकि पूर्वी, पूर्वोत्तर और पूर्वी-मध्य भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।

कई राज्यों में चलेगी ज्यादा लू 

IMD ने चेतावनी दी है कि इस महीने देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से ज्यादा लू चल सकती है। हिमालय की तलहटी, पूर्वी तट के कुछ इलाके और गुजरात-महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लू के दिन बढ़ सकते हैं। कई जगह दिन का तापमान सामान्य या कम रह सकता है, लेकिन दक्षिण भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ने के आसार हैं।

अल नीनो की तरफ बढ़ रहा मौसम 

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने बताया कि वैश्विक जलवायु पैटर्न बदल रहे हैं। प्रशांत महासागर में बनी तटस्थ ENSO स्थितियां अब अल नीनो की तरफ बढ़ रही हैं। इसका असर आने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून पर भी पड़ सकता है।

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