डाक्टरों ने घोषित किया मृतक, अचानक मार्चरी से जिंदा होकर लौटा, फिर हुआ कुछ ऐसा....
24 जनवरी को पवित्रन अपनी पत्नी सुधा के साथ घर लौट आये। यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि जिस व्यक्ति को पहले मृत घोषित कर दिया गया था, वह अपनी पत्नी के साथ घर लौट आया। लेकिन इस खुशी के पल के बाद पवित्रन की तबीयत फिर से खराब हो गई। घर पर आराम करते समय उनकी मृत्यु हो गई।

कन्नूर की पवित्रता की कहानी एक चमत्कार की तरह लगती है, जहां एक आदमी की मौत को वास्तविकता माना जाता था, लेकिन फिर अचानक जीवन ने एक नया मोड़ ले लिया। 13 जनवरी को पवित्रन को सांस संबंधी गंभीर समस्या और किडनी की बीमारी हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था, लेकिन उसके शरीर में जीवन के लक्षण दिखाई दे रहे थे।
शरीर में होने लगी हलचल
डॉक्टरों ने पवित्रन को अस्पताल से छुट्टी दे दी और कहा कि वह दस मिनट से ज्यादा जीवित नहीं रह पाएगा। उनकी हालत इतनी खराब थी कि उनके परिवार ने उन्हें मृत मानकर स्ट्रेचर पर लिटा दिया और कन्नूर वापस जाते समय शवगृह ले गए। लेकिन रास्ते में कुछ अजीब हुआ, पवित्रन को अपने शरीर में हलचल महसूस हुई। अस्पताल के कर्मचारी यह देखकर आश्चर्यचकित थे कि उनकी नाड़ी वापस आ गयी थी।
नब्ज आ गई वापस
जब पवित्रन को शवगृह ले जाने के लिए स्ट्रेचर पर रखा गया तो अस्पताल के कर्मचारी जैन और अनूप ने उनके शरीर में हलचल महसूस की। यह देखकर पवित्रन को तुरंत आपातकालीन विभाग में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने देखा कि उसकी नब्ज वापस आ गई है। यह देखकर सभी को विश्वास ही नहीं हुआ कि ऐसा कैसे हो सकता है।


