डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से की बात, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर की चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी ने मध्य पूर्व तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस समुद्री मार्ग के महत्व पर जोर दिया.

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण हालात और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की जरूरत पर जोर दिया गया, क्योंकि यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
सर्जियो गोर ने साझा की जानकारी
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस समुद्री मार्ग का खुला रहना बेहद जरूरी है.
President Donald Trump just spoke with Prime Minister Modi. They discussed the ongoing situation in the Middle East, including the importance of keeping the Strait of Hormuz open.
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) March 24, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में यदि इस मार्ग में किसी तरह की बाधा आती है तो उसका सीधा असर वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है. हाल के दिनों में ईरान द्वारा इस क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ी है.
अस्थायी रूप से टली सैन्य कार्रवाई
यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से टाल दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि यदि तेहरान सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने की दिशा में कदम उठाती है तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना को कुछ समय के लिए स्थगित रखेगा.
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हालिया वार्ता को “सकारात्मक” बताया गया है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है. ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच यह बातचीत रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है, क्योंकि दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता को लेकर समान चिंताएं साझा करते हैं.


