मथुरा की 'मीरा' बनी पाकिस्तान की जासूस! ई-रिक्शा चलाकर जुटाती थी जानकारी, हथियार तस्करी में भी जुड़ा है नाम
मथुरा की 30 वर्षीय मीरा प्रजापति को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि वे आम ई-रिक्शा ड्राइवर के रूप में काम करती हुई संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाती थी और उसे पाकिस्तान भेजती थी.

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पुलिस ने देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में मथुरा की 30 वर्षीय मीरा प्रजापति को गिरफ्तार किया है. वह आम ई-रिक्शा ड्राइवर के रूप में काम करती हुई संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाती थी. पुलिस के अनुसार, इस काम में किसी को उस पर शक भी नहीं होता था. मीरा को हरिया नाम से भी जाना जाता है.
संवेदनशील रूट पर चलाती थी रिक्शा
मीरा मथुरा के टेक चौराहे से रिफाइनरी तक का रूट तय करती थी, जिसे नगर निगम का नंबर 9 रूट कहा जाता है. इस मार्ग पर जिलाधिकारी कार्यालय, बड़े सरकारी दफ्तर, आर्मी का स्ट्राइक-1 मुख्यालय और मथुरा रिफाइनरी जैसे महत्वपूर्ण स्थल है. कई महीनों से वह इसी रूट पर ई-रिक्शा चलाकर लोगों की नजर बचाते हुए गतिविधियां देखती और फोटो-वीडियो बनाती थी.
पाकिस्तान भेजती थी तस्वीरें
22 मार्च को गाजियाबाद पुलिस ने मीरा के साथ बिहार के नौशाद और एक नाबालिग को हिरासत में लिया. पूछताछ में पता चला कि वे संवेदनशील जगहों की तस्वीरें खींचकर पाकिस्तान भेजते थे. बदले में उन्हें 4 से 6 हजार रुपये मिलते थे. पुलिस का दावा है कि मीरा पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़ी हुई थी और देश की गोपनीय जानकारी लीक करने में शामिल थी.
पति से अलग, बच्चों का सहारा भाई
मीरा दो छोटी बेटियों की मां है. गिरफ्तारी के बाद बच्चियां उसके भाई के घर रह रही है. पड़ोसियों ने बताया कि वह पिछले एक साल से औरंगाबाद के महादेव नगर बघेल मोहल्ले में रह रही थी. अब उसके घर पर ताला लगा हुआ है. मीरा का पति हलवाई का काम करता है, लेकिन दोनों के रिश्ते अच्छे नहीं थे, इसलिए वे अलग-अलग रहते थे.
पहले भी जा चुकी जेल
मीरा पर पहले हथियार तस्करी का आरोप था और वह जेल भी जा चुकी है. इसके बावजूद वह जासूसी जैसी गंभीर गतिविधि में शामिल हो गई. इस मामले की जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.


