'काश थोड़ी हिम्मत और होती…'UP कॉलेज गोलीकांड की चश्मदीद लड़की का दिल दहला देने वाला खुलासा, प्रिंसिपल पर लगाया बड़ा आरोप
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में हुए सूर्य प्रताप सिंह की मर्डर का खुलासा हो गया है. उनपर क्लासरूम के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थी, इस दौरान वहां एक लड़की शिवानी खड़े होकर सारा कुछ अपनी आंखो में कैद की.

वाराणसी: वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में हाल ही में हुई दिनदहाड़े की गोलीबारी ने पूरे इलाके को हिला दिया। बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की क्लासरूम के बाहर हत्या हो गई. इस घटना के वक्त महज कुछ कदम दूर खड़ी छात्रा शिवानी सिंह ने सब कुछ अपनी आँखों से देखा. अब उन्होंने उन भयानक पलों की पूरी कहानी बताई है.
सब कुछ सेकंडों में खत्म हो गया
शिवानी उस दिन रोज की तरह कॉलेज पहुंची थी. बैग लाइब्रेरी में रखकर अपनी दोस्त को क्लास छोड़ने जा रही थी. सीढ़ियों के पास काफी भीड़ थी और उसी भीड़ में सूर्य प्रताप सिंह भी खड़े थे. जैसे ही शिवानी एक कदम आगे बढ़ीं, अचानक गोली चलने की तेज आवाज आई. पहले तो समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है, लेकिन जब सूर्या भैया को गिरते देखा तो सब साफ हो गया. हमले की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को कुछ समझने या रोकने का मौका ही नहीं मिला. सब कुछ बस पलों में खत्म हो गया.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठा सवाल
घटना के बाद शिवानी के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि आरोपी हथियार लेकर कॉलेज परिसर में कैसे पहुंच गया? उन्होंने कहा, “अगर गेट पर सख्त चेकिंग होती, बैग जांचे जाते और थोड़ी सख्ती बरती जाती तो शायद यह हादसा नहीं होता।” सुरक्षा व्यवस्था की इस कमी ने एक छोटे विवाद को इतना खतरनाक रूप दे दिया।
शिवानी ने दी सफाई
वायरल वीडियो में शिवानी को खड़े देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए कि वे तमाशा देख रही थी, लेकिन शिवानी साफ कहती है, “मैं तमाशा नहीं देख रही थी, बल्कि सूर्या भैया को बचाने की कोशिश कर रही थी.” पहली गोली चलने के बाद हमलावर भाग गया था. उस पल लगा कि अब मौका है, उन्हें बचाया जा सकता है. शिवानी और कुछ साथी उनकी तरफ बढ़े, लेकिन अचानक हमलावर वापस लौट आया और फिर गोली चला दी. शिवानी बताती हैं, “अगर हमें पता होता कि वो वापस आएगा तो हम सूर्या को तुरंत वहां से हटा लेते.”
घर पहुंचने पर परिवार ने भी सवाल किए. घरवालों ने कहा कि वहां जाना ही नहीं चाहिए था और अगर गई थी तो बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए थी. शिवानी खुद भी अंदर से कचोट महसूस करती हैं. कई बार लगता है कि काश थोड़ा और साहस दिखाया होता.
प्रिंसिपल पर लगाया आरोप
डर के सवाल पर शिवानी का जवाब साफ है, “हमारी परवरिश ऐसी नहीं है कि मुसीबत देखकर भाग जाएं. उस दिन भी मैं डरी नहीं, आखिरी तक वहीं खड़ी रही और मदद करने की कोशिश करती रही.”
उन्होंने बताया कि हमलावर ने धमकी दी थी कि जो भी आगे आएगा, उसे भी गोली मार दूंगा. इसी डर से ज्यादातर लोग दूर खड़े रहे या छिप गए. सिर्फ एक सर आगे आए थे. शिवानी का आरोप है कि प्रिंसिपल ने घायल सूर्या को अस्पताल ले जाने के लिए अपनी गाड़ी देने से भी मना कर दिया.


