CM रेखा गुप्ता आज पेश करेंगी दिल्ली बजट, 1 लाख करोड़ से ज्यादा का रोडमैप, इंडस्ट्री, जॉब्स समेत जानें किन चीजों पर रहेगा फोकस
आज दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार राजधानी का वार्षिक बजट पेश करने जा रही है. कल आए आर्थिक सर्वेक्षण ने साफ कर दिया कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था अब पूरे देश के लिए एक शानदार मिसाल बन चुकी है.

दिल्ली विधानसभा में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपनी सरकार का वार्षिक बजट पेश करने जा रही हैं. इस बार का बजट 1 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने की पूरी उम्मीद है. बजट में ‘ग्रीन ट्रांजिट’ और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाने वाली है. बजट पेश होने से ठीक पहले जारी की गई आर्थिक समीक्षा 2025-26 ने साबित कर दिया है कि दिल्ली की आर्थिक बुनियाद बेहद मजबूत है और शहर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
दिल्ली वाले कैसे बने सबसे अमीर?
आर्थिक सर्वेक्षण के सबसे चौंकाने वाले आंकड़ों में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय अब 5.1 लाख रुपये सालाना तक पहुंचने का अनुमान है. यह राष्ट्रीय औसत से 2.5 गुना ज्यादा है. यह आंकड़ा दिल्लीवासियों की क्रय शक्ति और मजबूत बाजार की ताकत को साफ दर्शाता है.
13.27 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
दिल्ली की सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 9.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है. वर्ष 2026-27 तक दिल्ली की अर्थव्यवस्था 13.27 लाख करोड़ रुपये के स्तर को छू सकती है. खास बात यह है कि इस विकास का मुख्य इंजन सेवा क्षेत्र है, जिसका कुल अर्थव्यवस्था में योगदान 86 प्रतिशत से भी ज्यादा है. वहीं कृषि क्षेत्र का हिस्सा घटकर महज 0.8 प्रतिशत रह गया है, जो दिल्ली के एक आधुनिक ग्लोबल सिटी बनने की ओर इशारा करता है.
बजट की प्रमुख प्राथमिकताएं
आज पेश होने वाले बजट में परिवहन क्षेत्र को लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मिलने की संभावना है. इसमें मेट्रो फेज-IV का विस्तार और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या को 4,500 से पार ले जाने का बड़ा लक्ष्य शामिल है. महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना को जारी रखने की भी उम्मीद है. इसके अलावा दिल्ली के ग्रीन कवर को बढ़ाने और 100 प्रतिशत बिजली कवरेज सुनिश्चित करने के लिए भारी आवंटन किए जा सकते हैं. सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत रखा है और राजस्व अधिशेष के साथ राजकोषीय घाटे को 3 प्रतिशत के अंदर सीमित रखने में सफल रही है.
शिक्षा और स्वास्थ्य का ‘दिल्ली मॉडल’ जारी
आर्थिक सर्वेक्षण में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में दिल्ली के बेहतर प्रदर्शन को खास तौर पर रेखांकित किया गया है. बजट में नए अस्पतालों के निर्माण और सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 59,300 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत रिजर्व की गई है.


