किम जोंग उन का ट्रंप को खुला चैलेंज! परमाणु हथियार नहीं छोड़ेंगे, बोले- हम न्यूक्लियर पावर हैं
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने संसद में धमाकेदार भाषण देते हुए ऐलान किया कि उनकी परमाणु सेना को अब हमेशा-हमेशा के लिए और भी मजबूत बनाया जाएगा. उन्होंने दक्षिण कोरिया को अपना सबसे बड़ा और स्थायी दुश्मन करार दिया.

नई दिल्ली: उत्तर कोरिया के ताकतवर नेता किम जोंग उन ने संसद में धमाकेदार भाषण देते हुए ऐलान किया कि उनकी परमाणु सेना को अब हमेशा-हमेशा के लिए और भी मजबूत बनाया जाएगा. उन्होंने दक्षिण कोरिया को अपना सबसे बड़ा और स्थायी दुश्मन करार दिया. किम का कहना था कि परमाणु हथियारों ने ही युद्ध को रोका है, जिससे देश अब आर्थिक तरक्की, बड़े-बड़े निर्माण और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर पूरा ध्यान दे सकेगा.
किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया को अपना सबसे बड़ा दुश्मन राज्य करार दिया और साफ चेतावनी दी कि अगर कोई भी संप्रभुता का उल्लंघन करने की कोशिश की गई तो बिना किसी हिचकिचाहट के बेरहमी से जवाब दिया जाएगा. उन्होंने 2026 के बजट में रक्षा खर्च को कुल व्यय का 15.8 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है.
परमाणु हथियारों पर कोई समझौता नहीं
एक रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग उन ने सोमवार को सुप्रीम पीपुल्स असेंबली को संबोधित करते हुए कहा कि परमाणु शक्ति बनाए रखते हुए विकास की राह पर चलना ही देश का सही रणनीतिक चुनाव है. उन्होंने उन सभी प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें परमाणु निरस्त्रीकरण के बदले आर्थिक मदद या सुरक्षा गारंटी की बात की जाती है. किम ने कहा कि परमाणु हथियारों ने युद्ध को रोका है, जिससे देश अपनी ऊर्जा आर्थिक विकास, निर्माण और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित कर सका है.
दक्षिण कोरिया को सबसे बड़ा दुश्मन बताया
किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी पुरानी शांतिपूर्ण पुनर्मिलन नीति को पूरी तरह छोड़ दिया है. अब उन्होंने सियोल को सबसे बड़ा दुश्मन राज्य करार दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उत्तर कोरिया की संप्रभुता पर कोई हमला हुआ तो उसका जवाब बिना किसी संयम के दिया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव अब उत्तर कोरियाई कानून का हिस्सा बन चुके हैं, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव और बढ़ गया है.
नई पंच वर्षीय विकास योजना पेश
किम जोंग उन ने सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक विकास पर भी जोर दिया. उन्होंने नई पंचवर्षीय विकास योजना पेश की, जिसमें उद्योग के आधुनिकीकरण, बिजली और कोयला उत्पादन बढ़ाने तथा राष्ट्रव्यापी आवास निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है.
बजट में परमाणु युद्ध लड़ने की क्षमताओं के विस्तार के लिए अलग से फंड आवंटित किया गया है. संसदीय सत्र में संविधान में संशोधन को मंजूरी दी गई और नई आर्थिक योजना का समर्थन करने वाला कानून पारित किया गया.
पुतिन का बधाई संदेश
सत्र के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बधाई संदेश भी पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने मॉस्को और प्योंगयांग के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया.


