सड़क पर नमाज का खेल खत्म! बकरीद पर साफ-सफाई और सड़क पर नमाज को लेकर योगी प्रशासन की सख्त चेतावनी

यूपी प्रशासन ने बकरीद पर सख्त निर्देश जारी किए हैं कि ईदगाह फुल हो जाए तो भी सड़क या मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी, लोग आसपास की दूसरी मस्जिद में नमाज अदा करें.

Sonee Srivastav

झांसी: बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए प्रशासन ने सख्त तैयारियां शुरू कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज न होने के सख्त रुख के अनुरूप झांसी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी हालत में सड़कों या खुले में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी.

पीस कमेटी की बैठक में हुए अहम फैसले

झांसी शहर कोतवाली में एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में बकरीद को लेकर पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई. बैठक में दोनों समुदायों के धर्मगुरु, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और त्योहार को सुव्यवस्थित ढंग से मनाने पर विस्तार से चर्चा हुई.

प्रशासन ने बैठक में साफ कहा कि ईदगाह पूरी तरह भर जाने पर भी सड़क पर नमाज की इजाजत नहीं होगी. ऐसे में लोग आसपास की अन्य मस्जिदों में जाकर नमाज अदा कर सकते हैं. पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर लक्ष्मीकांत गौतम ने भी इस निर्देश को दोहराते हुए कहा कि मस्जिद के बाहर या सड़क पर नमाज पढ़ने की कोई भी कोशिश न की जाए.

कुर्बानी के अवशेषों को लेकर सख्ती

बैठक में विश्व हिन्दू परिषद समेत हिन्दू संगठनों ने कुर्बानी के बाद जानवरों के अवशेष, खून और अन्य कचरे को नालियों या खुले में फेंकने की समस्या उठाई. प्रशासन ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया और सख्त निर्देश दिए कि अवशेष खुले में न फेंके जाएं.

निर्देश में कहा गया कि कुर्बानी के बाद अवशेषों को सही तरीके से इकट्ठा करके रखा जाए. जब नगर निगम की गाड़ी आए तो उसे कचरे के रूप में उठाकर ले जाए. इससे कुत्ते या अन्य जानवर अवशेष उठाकर इधर-उधर न फैलाएं और इलाके में गंदगी या अव्यवस्था न फैले.

मुस्लिम समाज की मांगे स्वीकार

मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने ईद के दिन बिजली, पानी की सुचारु आपूर्ति और सफाई व्यवस्था पर जोर दिया. एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि इन सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश संबंधित विभागों- नगर निगम, बिजली और जल संस्थान को दे दिए गए हैं.

प्रशासन का मानना है कि दोनों समुदायों के बीच संवाद और आपसी समझ से त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सकता है. बैठक में सभी पक्षों ने सहयोग का भरोसा जताया. प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि बकरीद का त्योहार धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाए, लेकिन कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुव्यवस्था का किसी भी हाल में उल्लंघन न हो. सड़क पर नमाज और अवशेषों की अनुचित तरीके से फेंकने जैसी गतिविधियां सख्ती से रोकी जाएंगी.

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