बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन से यह जानकारी दी. चुनाव दो फेज में आयोजित होंगे. पहला चरण 6 नवंबर को 121 सीटों पर और दूसरा चरण 11 नवंबर को 122 सीटों पर होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी. इस अवसर पर चुनाव आयोग ने ECINet नामक एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी परिचय कराया, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल ऐप्स’ कहा जा रहा है.
ECINet एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो चुनाव आयोग के 40 से अधिक मौजूदा मोबाइल और वेब एप्लिकेशन को एक साथ जोड़ता है. इसका उद्देश्य यह है कि मतदाताओं और उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग ऐप्स या वेबसाइट्स पर जाने की आवश्यकता न पड़े. ECINet के माध्यम से सभी चुनाव से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी.
ECINet मतदाताओं को कई सुविधाएं प्रदान करेगा. इससे मतदाता पंजीकरण करना या मौजूदा विवरण अपडेट करना आसान होगा. वोटर सूची में नाम है या नहीं, यह सिर्फ एक क्लिक से देखा जा सकेगा. डिजिटल फोटो वोटर स्लिप डाउनलोड की जा सकेगी. इसके अलावा मतदाता अपने बूथ और चुनाव की तारीख की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं.
ECINet के KYC फीचर के जरिए उम्मीदवारों की जानकारी और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा सकेगी. मतदाता चुनाव उल्लंघन की शिकायत फोटो या वीडियो सबूत के साथ दर्ज करवा सकते हैं. इसके अलावा रियल-टाइम परिणाम और वोट प्रतिशत की सटीक जानकारी भी ECINet पर उपलब्ध होगी.
इस नए प्लेटफॉर्म से मतदाताओं को अलग-अलग ऐप्स डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. इससे डिजिटल डिवाइड कम होगा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी. मतदान केंद्रों से लेकर राज्य चुनाव अधिकारियों तक डेटा मैनेजमेंट और रिपोर्टिंग आसान होगी. चुनाव अधिकारी, राजनीतिक दल और अन्य स्टेकहोल्डर्स भी इस प्लेटफॉर्म का लाभ उठा पाएंगे.
जून 2025 के उपचुनावों के दौरान पंजाब, केरल, गुजरात और पश्चिम बंगाल में ECINet के कुछ मॉड्यूल लागू किए गए थे. लेकिन बिहार चुनाव में इसे पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल किया जाएगा. इस बार न केवल मतदाता, बल्कि चुनाव अधिकारी और राजनीतिक दल भी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को 122 सीटों पर किया जाएगा. मतगणना का कार्य 14 नवंबर को संपन्न होगा. ECINet के आने से चुनाव प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और डिजिटल होगी, जिससे मतदाताओं को अपने अधिकार का उपयोग करना आसान बनेगा.
First Updated : Tuesday, 07 October 2025