भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस की एक पूरी तस्वीर दिखाता है इकोनॉमिक सर्वे...देश के आर्थिक रोडमैप को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को भारत की स्थिर आर्थिक प्रगति का प्रतिबिंब बताया. सर्वेक्षण में समावेशी विकास, मजबूत आर्थिक आधार, विनिर्माण विस्तार और 6.8–7.2% विकास दर का अनुमान जताया गया है.

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात के बीच भारत की सुधार प्रक्रिया, आर्थिक स्थिरता और निरंतर प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. प्रधानमंत्री के अनुसार, यह दस्तावेज न केवल मौजूदा आर्थिक स्थिति का आकलन करता है, बल्कि भविष्य के लिए नीति निर्माण का मजबूत आधार भी प्रदान करता है.
चुनौतीपूर्ण दौर में भारत की स्थिर प्रगति
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आर्थिक सर्वेक्षण भारत की सुधार यात्रा का व्यापक चित्र पेश करता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और व्यापार जोखिमों के बावजूद भारत ने संतुलित और स्थिर विकास दर्ज किया है. यह सर्वेक्षण मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक फाउंडेशन, सतत विकास दर और अर्थव्यवस्था में भरोसे को रेखांकित करता है.
The Economic Survey tabled today presents a comprehensive picture of India’s Reform Express, reflecting steady progress in a challenging global environment.
It highlights strong macroeconomic fundamentals, sustained growth momentum and the expanding role of innovation,… https://t.co/ih9ArrtZcU— Narendra Modi (@narendramodi) January 29, 2026
समावेशी विकास पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण समावेशी विकास की सोच को मजबूती से सामने लाता है. इसमें किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), युवाओं के रोजगार, स्टार्टअप्स और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे.
विनिर्माण और उत्पादकता बढ़ाने का रोडमैप
मोदी ने यह भी बताया कि सर्वेक्षण में भारत के विनिर्माण क्षेत्र को सशक्त बनाने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया है. इसमें ‘मेक इन इंडिया’, बुनियादी ढांचे में निवेश, नवाचार और उद्यमशीलता को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बताया गया है. प्रधानमंत्री के अनुसार, यह रोडमैप ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा.
नीति निर्माण के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण में दी गई जानकारियां आने वाले समय में नीति निर्माण के लिए दिशा तय करेंगी. इससे न केवल सरकार बल्कि निवेशकों और उद्योग जगत का भी भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा. उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य के लिए आशावादी संकेत बताया.
वित्त मंत्री का बयान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आर्थिक सर्वेक्षण को भारत की आर्थिक मजबूती का प्रमाण बताया. उन्होंने कहा कि देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स पहले से कहीं ज्यादा सशक्त हुए हैं. सीतारमण ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि भारत ने वैश्विक चुनौतियों का डटकर सामना किया है.
उच्च विकास पथ पर भारत
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते भारत की संभावित जीडीपी वृद्धि दर बढ़कर 7 प्रतिशत तक पहुंच गई है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत लगातार उच्च विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला देश बना हुआ है.
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की प्रमुख बातें
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था के 6.8 से 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है. यह अनुमान वैश्विक अस्थिरता और व्यापारिक जोखिमों के बावजूद भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी है. इसके साथ ही भारत लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है.
संभावित विकास दर में बढ़ोतरी
सर्वेक्षण में भारत की संभावित विकास दर का अनुमान भी बढ़ाया गया है. तीन साल पहले जहां यह अनुमान 6.5 प्रतिशत था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है. यह भारत की आर्थिक क्षमता, संरचनात्मक सुधारों और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.


