SIR मामले में 30 नेताओं की टीम पहुंचेगी आयोग, सुकुमार हॉल में होगी मीटिंग
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल आज चुनाव आयोग से मुलाकात और संसद से आयोग तक विरोध मार्च करेंगे. राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी धांधली के आरोपों पर आयोग से जवाब मांग रहा है.

Election Commission Invitation: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के नेता आज चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में चुनाव आयुक्त के साथ चर्चा होगी. आयोग ने कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और अन्य नेताओं को दोपहर 12 बजे बुलाया है. हालांकि बैठक का औपचारिक एजेंडा स्पष्ट नहीं किया गया है. आयोग ने साफ किया है कि बैठक में अधिकतम 30 नेताओं को शामिल होने की अनुमति होगी.
विपक्षी दल आज SIR मुद्दे पर संसद परिसर से भारतीय चुनाव आयोग तक विरोध मार्च भी निकालेंगे रहे हैं. यह मार्च दोपहर 11:30 बजे संसद भवन परिसर से शुरू होकर आयोग के दफ्तर तक जाएगा.
चुनाव आयोग का निमंत्रण
निर्वाचन आयोग ने 10 अगस्त 2025 को विपक्ष की ओर से भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए चर्चा के लिए समय देने का निर्णय लिया. आयोग ने पत्र में कहा कि स्थान की कमी के कारण नेताओं की संख्या 30 तक सीमित रखी जाए और उनके नाम व वाहन नंबर ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएं. यह बैठक निर्वाचन सदन के सुकुमार हॉल में आयोजित होगी.
Election Commission of India Secretariat writes to Congress MP Jairam Ramesh
— ANI (@ANI) August 11, 2025
"EC has granted an appointment for an interaction at 12:00 PM today. It is requested that, due to the limitation of space, names of up to 30 persons may kindly be intimated...", reads the letter
As of… pic.twitter.com/PZLXei4wfH
विपक्ष का आरोप और मार्च का नेतृत्व
‘इंडिया’ ब्लॉक के तहत विपक्षी दल बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर यह प्रदर्शन कर रहे हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मार्च का नेतृत्व करेंगे. योजना के अनुसार, विपक्षी सांसद लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचेंगे.
“वोट चोरी” का आरोप
हाल ही में राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा चुनाव के दौरान कथित “वोट चोरी” का आरोप लगाया था. विपक्ष का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का उपयोग मतदाता सूची में हेरफेर के लिए किया जा रहा है, जिससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं.
आज की बैठक और मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. आयोग के बाहर पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके.


