PM मोदी को 10 रुपये की झालमुड़ी खिलाना पड़ा भारी! पाकिस्तान-बांग्लादेश से मिल रही धमकियां
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 10 रुपये की झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार विक्रम की जिंदगी अब मुश्किलों से घिर गई है. विक्रम का दावा है कि उसे पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसके बाद उसकी दुकान के बाहर पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झाड़ग्राम दौरा एक साधारण दुकानदार की जिंदगी में ऐसा बदलाव लेकर आया, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी. चुनावी सभा के बाद सड़क मार्ग से लौटते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला झाड़ग्राम शहर के राज कॉलेज क्रॉसिंग के पास अचानक रुका और उन्होंने वहां स्थित 'छबनलाल स्पेशल झालमुड़ी' दुकान से 10 रुपये की झालमुड़ी खरीदकर खाई. उस समय यह घटना सामान्य नजर आई, लेकिन बाद में यही पल दुकानदार विक्रम की जिंदगी का सबसे चर्चित और सबसे मुश्किल दौर बन गया.
प्रधानमंत्री के दुकान पर आने के बाद विक्रम रातों-रात सोशल मीडिया और राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया. लेकिन इस पहचान के साथ उसे ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसने पूरे परिवार को डर और तनाव में डाल दिया. विक्रम का कहना है कि पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने के बाद से उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है.
दुकान के बाहर 24 घंटे पुलिस का पहरा
झाड़ग्राम के कुमुद कुमारी संस्थान के पास कॉलेज क्रॉसिंग स्थित विक्रम की दुकान के बाहर अब चौबीसों घंटे पुलिस तैनात रहती है. सुरक्षा के मद्देनजर दुकान के अंदर और बाहर CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं.
स्थिति यह है कि दुकान पर आने वाले हर व्यक्ति से पहले पुलिस पूछताछ करती है और उसके आने का कारण जानती है. स्थानीय लोग भी इस असामान्य सुरक्षा व्यवस्था को देखकर हैरान हैं.
पाकिस्तान और बांग्लादेश से मिली धमकियां
विक्रम ने स्थानीय मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दुकान पर आने के बाद से उसे लगातार धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं. उसके मुताबिक ये धमकियां स्थानीय स्तर से नहीं बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय नंबरों से WhatsApp और टेक्स्ट मैसेज के जरिए भेजी जा रही हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए विक्रम ने झाड़ग्राम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक दुकान पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी.
इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी
विक्रम ने भावुक होकर कहा, 'सोचा नहीं था कि देश के प्रधानमंत्री को सिर्फ 10 रुपये की झालमुड़ी खिलाने की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. वह अचानक आए और उन्होंने ऑर्डर दिया. मुझे पहले से कुछ नहीं पता था.'
उसने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 10 रुपये के नोट को उसने आज भी संभालकर रखा है. विक्रम ने कहा, 'मोदी जी द्वारा दिए गए उस 10 रुपये के नोट को मैंने आज भी अपनी अलमारी में सुरक्षित संभालकर रखा है, लेकिन अब पूरा परिवार दहशत में है.'
बिहार से आकर झाड़ग्राम में बसाया था घर
विक्रम का परिवार मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है. पिछले करीब 20 वर्षों से परिवार झाड़ग्राम में रहकर अपनी रोजी-रोटी चला रहा है.
परिवार में वृद्ध माता-पिता, पत्नी और पांच साल का बेटा शामिल हैं. वे दुकान से कुछ दूरी पर 5,000 रुपये महीने के किराए के मकान में रहते हैं.
विक्रम पहले सड़क किनारे ठेले पर झालमुड़ी बेचता था, लेकिन कुछ समय पहले ही उसने 5 लाख रुपये का कर्ज लेकर पक्की दुकान शुरू की थी ताकि परिवार को बेहतर जिंदगी दे सके.
भाजपा समर्थक समझा जाने लगा
विक्रम का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोग उसे भाजपा समर्थक मानने लगे थे.
उसने कहा, 'अगर राज्य में राजनीतिक समीकरण नहीं सुधरते या ममता बनर्जी की पार्टी फिर से वैसी ही आक्रामक रहती तो शायद मुझे अपना सब कुछ समेटकर वापस बिहार लौटना पड़ता.'


